संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 28/06/2024 शुक्रवार

दिनाँक:- 28/06/2024, शुक्रवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष,
आषाढ
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- सप्तमी 16:26:39 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र—- पूर्वा भाद्रपदा 10:09:39
योग———- सौभाग्य 21:37:23
करण——- विष्टि भद्र 05:32:16
करण————– बव 16:26:39
करण———– बालव 27:22:19
वार———————– शुक्रवार
माह———————– आषाढ
चन्द्र राशि——————- मीन
सूर्य राशि—————– मिथुन
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत——————-1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:27:46
सूर्यास्त—————- 19:17:21
दिन काल————- 13:49:34
रात्री काल————- 10:10:45
चंद्रास्त—————- 11:44:33
चंद्रोदय—————- 24:07:57

लग्न—- मिथुन 12°36′ , 72°36′

सूर्य नक्षत्र—————— आर्द्रा
चन्द्र नक्षत्र———– पूर्वा भाद्रपदा
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

???????????? पद, चरण ????????????

दी—- पूर्वा भाद्रपदा 10:09:39

दू—- उत्तरा भाद्रपदा 15:48:48

थ—- उत्तरा भाद्रपदा 21:28:18

झ—- उत्तरा भाद्रपदा 27:08:07

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= मिथुन 12°10, आर्द्रा 2 घ
चन्द्र=मीन 00°30 , पू o फाo 4 दी
बुध =मिथुन 27°53′ पुनर्वसु 3 हा
शु क्र= मिथुन 19°05, आर्द्रा ‘ 4 छ
मंगल=मेष 19°30 ‘ भरणी ‘ 2 लू
गुरु=वृषभ 13°30 रोहिणी , 2 वा
शनि=कुम्भ 25°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 17°15 रेवती , 1 दे
केतु=(व) कन्या 17°15 हस्त , 3 ण

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 10:39 – 12:23 अशुभ
यम घंटा 15:50 – 17:34 अशुभ
गुली काल 07:11 – 08:55 अशुभ
अभिजित 11:55 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:14 – 09:09 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:50 – 13:46 अशुभ
वर्ज्यम 19:12 – 20:43 अशुभ
प्रदोष 19:17 – 21:21 शुभ

????पंचक ³ अहोरात्र अशुभ

????चोघडिया, दिन
चर 05:28 – 07:11 शुभ
लाभ 07:11 – 08:55 शुभ
अमृत 08:55 – 10:39 शुभ
काल 10:39 – 12:23 अशुभ
शुभ 12:23 – 14:06 शुभ
रोग 14:06 – 15:50 अशुभ
उद्वेग 15:50 – 17:34 अशुभ
चर 17:34 – 19:17 शुभ

????चोघडिया, रात
रोग 19:17 – 20:34 अशुभ
काल 20:34 – 21:50 अशुभ
लाभ 21:50 – 23:06 शुभ
उद्वेग 23:06 – 24:23* अशुभ
शुभ 24:23* – 25:39* शुभ
अमृत 25:39* – 26:55* शुभ
चर 26:55* – 28:12* शुभ
रोग 28:12* – 29:28* अशुभ

????होरा, दिन
शुक्र 05:28 – 06:37
बुध 06:37 – 07:46
चन्द्र 07:46 – 08:55
शनि 08:55 – 10:04
बृहस्पति 10:04 – 11:13
मंगल 11:13 – 12:23
सूर्य 12:23 – 13:32
शुक्र 13:32 – 14:41
बुध 14:41 – 15:50
चन्द्र 15:50 – 16:59
शनि 16:59 – 18:08
बृहस्पति 18:08 – 19:17

????होरा, रात
मंगल 19:17 – 20:08
सूर्य 20:08 – 20:59
शुक्र 20:59 – 21:50
बुध 21:50 – 22:41
चन्द्र 22:41 – 23:32
शनि 23:32 – 24:23
बृहस्पति 24:23* – 25:14
मंगल 25:14* – 26:05
सूर्य 26:05* – 26:55
शुक्र 26:55* – 27:46
बुध 27:46* – 28:37
चन्द्र 28:37* – 29:28

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 7 + 6 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 05:23 समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

???????? विशेष जानकारी ????????

*कालाष्टमी

???????????? शुभ विचार ????????????

राज्ञधर्मणि धर्मिष्ठाः पापे पापाः समे समाः ।
राजानमनुवर्तन्ते यथा राजा तथा प्रजाः ।।
।। चा o नी o।।यदि राजा पुण्यात्मा है तो प्रजा भी वैसी ही होती है. यदि राजा पापी है तो प्रजा भी पापी. यदि वह सामान्य है तो प्रजा सामान्य. प्रजा के सामने राजा का उद्हारण होता है. और वो उसका अनुसरण करती है।

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: ज्ञानविज्ञानयोग अo-07

बलं बलवतां चाहं कामरागविवर्जितम्‌ ।,
धर्माविरुद्धो भूतेषु कामोऽस्मि भरतर्षभ ॥,

हे भरतश्रेष्ठ! मैं बलवानों का आसक्ति और कामनाओं से रहित बल अर्थात सामर्थ्य हूँ और सब भूतों में धर्म के अनुकूल अर्थात शास्त्र के अनुकूल काम हूँ॥,11॥

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
आंखों को चोट व रोग से बचाएं। कीमती वस्तु गुम हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक किसी से भी न करें। नकारात्मकता रहेगी। अकारण क्रोध होगा। फालतू खर्च होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। जोखिम न लें।

????वृष
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। घर-बाहर सहयोग प्राप्त होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। अचानक कहीं से लाभ के आसार नजर आ सकते हैं। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे।

????मिथुन
किसी भी निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। भ्रम की स्थिति बन सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। थकान व कमजोरी महसूस होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में मनोनुकूल लाभ होगा। प्रमाद न करें।

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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????कर्क
जल्दबाजी में कोई काम न करें। पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। प्रमाद न करें।

????सिंह
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में कमी रह सकती है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। बेवजह विवाद की स्थिति बन सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के उकसाने में न आकर महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें, लाभ होगा।

????‍♀️कन्या
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
रोजगार में वृद्धि तथा बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझ्कर निवेश करें। संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। झंझटों से दूर रहें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।

????वृश्चिक
कोर्ट व कचहरी में लंबित कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। सभी काम पूर्ण होंगे। जल्दबाजी न करें।

????धनु
बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रतिद्वंद्विता कम होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बाद में पछताना पड़े। जोखिम न लें।

????मकर
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कोर्ट व कचहरी के अटके कामों में अनुकूलता आएगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी।

????कुंभ
कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। कोई बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। किसी विशेष क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा।

????मीन
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। लाभ के मौके बार-बार प्राप्त होंगे। विवेक का प्रयोग करें। बेकार बातों में समय नष्ट न करें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में तरक्की के योग हैं। व्यापार की गति बढ़ेगी। लाभ में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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