संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 11/08/2024 रविवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
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ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 11/08/2024, रविवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———— सप्तमी अहोरात्र तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———– स्वाति 32:32:00
योग————– शुभ 15:47:19
करण————– गर 18:53:01
वार———————– रविवार
माह———————– श्रावण
चन्द्र राशि—————— तुला
सूर्य राशि—————— कर्क
रितु————————– वर्षा
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर———————क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————- 2080
शक संवत——————1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:49:07
सूर्यास्त————— 18:59:10
दिन काल————- 13:10:03
रात्री काल————–10:50:27
चंद्रोदय————— 11:33:04
चंद्रास्त—————- 22:43:23

लग्न—- कर्क 24°39′ , 114°39′

सूर्य नक्षत्र————— आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र—————— स्वाति
नक्षत्र पाया——————- रजत

???????????? पद, चरण ????????????

रू—- स्वाति 12:31:10

रे—- स्वाति 19:13:12

रो—- स्वाति 25:53:32

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= कर्क 24°05, अश्लेषा 3 डे
चन्द्र= तुला 06°30 , चित्रा 4 री
बुध =सिंह 08°53′ मघा 3 मू
शु क्र= सिंह 13°05, मघा ‘ 4 मे
मंगल=वृषभ 20°30 ‘ रोहिणी’ 4 वु
गुरु=वृषभ 21°30 रोहिणी , 4 वु
शनि=कुम्भ 23°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 14°00 उo भा o, 4 ञ
केतु= (व)कन्या 14°00 हस्त 2 ष

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 17:20 – 18:59 अशुभ
यम घंटा 12:24 – 14:03 अशुभ
गुली काल 15:42 – 17:20 अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 17:14 – 18:07 अशुभ
वर्ज्यम 12:04 – 13:52 अशुभ
प्रदोष 18:59 – 21:11 शुभ

????चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:49 – 07:28 अशुभ
चर 07:28 – 09:07 शुभ
लाभ 09:07 – 10:45 शुभ
अमृत 10:45 – 12:24 शुभ
काल 12:24 – 14:03 अशुभ
शुभ 14:03 – 15:42 शुभ
रोग 15:42 – 17:20 अशुभ
उद्वेग 17:20 – 18:59 अशुभ

????चोघडिया, रात
शुभ 18:59 – 20:20 शुभ
अमृत 20:20 – 21:42 शुभ
चर 21:42 – 23:03 शुभ
रोग 23:03 – 24:24* अशुभ
काल 24:24* – 25:46* अशुभ
लाभ 25:46* – 27:07* शुभ
उद्वेग 27:07* – 28:28* अशुभ
शुभ 28:28* – 29:50* शुभ

????होरा, दिन
सूर्य 05:49 – 06:55
शुक्र 06:55 – 08:01
बुध 08:01 – 09:07
चन्द्र 09:07 – 10:12
शनि 10:12 – 11:18
बृहस्पति 11:18 – 12:24
मंगल 12:24 – 13:30
सूर्य 13:30 – 14:36
शुक्र 14:36 – 15:42
बुध 15:42 – 16:48
चन्द्र 16:48 – 17:53
शनि 17:53 – 18:59

????होरा, रात
बृहस्पति 18:59 – 19:53
मंगल 19:53 – 20:48
सूर्य 20:48 – 21:42
शुक्र 21:42 – 22:36
बुध 22:36 – 23:30
चन्द्र 23:30 – 24:24
शनि 24:24* – 25:19
बृहस्पति 25:19* – 26:13
मंगल 26:13* – 27:07
सूर्य 27:07* – 28:01
शुक्र 28:01* – 28:55
बुध 28:55* – 29:50

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

कर्क > 03:06 से 05:26 तक
सिंह > 05:26 से 07:36 तक
कन्या > 07:36 से 09:46 तक
तुला > 09:47 से 12: 02 तक
वृश्चिक > 12:02 से 14:20 तक
धनु > 14:20 से 16:26 तक
मकर > 16:26 से 18:18 तक
कुम्भ > 18:18 से 19:46 तक
मीन > 19:46 से 21:14 तक
मेष > 21:14 से 22:50 तक
वृषभ > 22:50 से 01:00 तक
मिथुन > 00:56 से 03:04 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

7 + 1 + 1 = 9 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*तुलसी दास जयंती

???????????? शुभ विचार ????????????

स्वहस्तग्रथिता माला स्वहस्ताद घृष्टचन्दनम् ।
स्वहस्तलिखितं शक्रस्यापि श्रियं हरेत् ।।
।। चा o नी o।।

आपको इन्द्र के समान वैभव प्राप्त होगा यदि आप..
अपने भगवान् के गले की माला अपने हाथो से बनाये.
अपने भगवान् के लिए चन्दन अपने हाथो से घिसे.
अपने हाथो से पवित्र ग्रंथो को लिखे.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08

वेदेषु यज्ञेषु तपःसु चैव दानेषु यत्पुण्यफलं प्रदिष्टम्‌ ।,
अत्येत तत्सर्वमिदं विदित्वा योगी परं स्थानमुपैति चाद्यम्‌ ॥,

योगी पुरुष इस रहस्य को तत्त्व से जानकर वेदों के पढ़ने में तथा यज्ञ, तप और दानादि के करने में जो पुण्यफल कहा है, उन सबको निःसंदेह उल्लंघन कर जाता है और सनातन परम पद को प्राप्त होता है॥,28॥

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
धनागम होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति के योग हैं। स्वाध्याय के महत्व को समझें। संतान को अपने कार्यों में सफलता मिल सकेगी।

????वृष
पुराना रोग उभर सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यापारिक गोपनीयता भंग न करें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा। व्यापार की चिंता रहेगी। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। आशानुरूप स्थिति बनेगी।

????मिथुन
शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। विवाद न करें। दु:खद समाचार मिल सकता है। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। शत्रु से सतर्क रहें। काम के प्रति लापरवाही न करें, किसी बात पर मतभेद की संभावना है।

????कर्क
फालतू खर्च होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कुसंगति से हानि होगी। अनसोचे कार्य होंगे। दांपत्य जीवन में मनमुटाव हो सकता है। पारिवारिक समस्याएँ सूझबूझ से निपटाएँ। कार्य में सहयोग मिलेगा। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

????सिंह
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। थकान रहेगी। रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करें। मित्रों की मदद से समस्या का समाधान हो सकेगा। समय का सदुपयोग होगा।

????‍♀️कन्या
नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ में कमी आ सकती है। उचित मार्गदर्शन लेना जरूरी होगा। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। अहंकार के भाव मन में न आने दें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी।

????वृश्चिक
बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होने के योग हैं।

????धनु
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। स्वार्थ एवं भोग की प्रवृत्ति के कारण अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं कर पाएँगे।

????मकर
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। यश, प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। मनोरंजन के अवसर उपलब्ध होंगे। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

????कुंभ
प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। सुखवृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। आर्थिक योजनाओं में धन का निवेश हो सकता है। पड़ोसियों से किसी बात पर मतभेद की संभावना है।

????मीन
अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य करें। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम न लें। झंझटों में न पड़ें। आय में कमी होगी। व्यापार में लाभ होने के योग हैं। धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी से विवाद हो सकता है।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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