संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 29/08/2024 गुरुवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 29/08/2024, गुरुवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– एकादशी 25:36:51 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र———- आर्द्रा 16:38:25
योग———– सिद्वि 18:15:58
करण————– बव 13:24:02
करण———– बालव 25:36:51
वार———————– गुरूवार
माह———————– भाद्रपद
चन्द्र राशि—————– मिथुन
सूर्य राशि——————- सिंह
रितु————————- शरद
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————— क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत——————-1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:57:57
सूर्यास्त—————- 18:41:37
दिन काल————- 12:43:39
रात्री काल————- 11:16:48
चंद्रास्त—————- 15:53:12
चंद्रोदय—————- 26:09:37

लग्न—- सिंह 11°58′ , 131°58′

सूर्य नक्षत्र——————– मघा
चन्द्र नक्षत्र——————- आर्द्रा
नक्षत्र पाया——————- रजत

???????????? पद, चरण ????????????

ङ—- आर्द्रा 10:23:55

छ—- आर्द्रा 16:38:25

के—- पुनर्वसु 22:54:47

को—- पुनर्वसु 29:12:59

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= सिंह 11°05, मघा 4 मे
चन्द्र= मिथुन 14°30 , आर्द्रा 3 ड
बुध =कर्क(व०)27°53′ अश्लेषा 4 डो
शु क्र= कन्या 05°05, उ o फाo’ 3 पा
मंगल=मिथुन 01°30 ‘ मृगाशीर्षा’ 3 का
गुरु=वृषभ 24°30 मृगशिरा , 1 वे
शनि=कुम्भ 22°00 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 13°55 उo भा o, 4 ञ
केतु= (व)कन्या 13°55 हस्त 2 ष

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 13:55 – 15:31 अशुभ
यम घंटा 05:58 – 07:33 अशुभ
गुली काल 09:09 – 10: 44अशुभ
अभिजित 11:54 – 12:45 शुभ
दूर मुहूर्त 10:13 – 11:03 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:18 – 16:09 अशुभ
वर्ज्यम 29:13* – 30:54* अशुभ
प्रदोष 18:42 – 20:59 शुभ

????चोघडिया, दिन
शुभ 05:58 – 07:33 शुभ
रोग 07:33 – 09:09 अशुभ
उद्वेग 09:09 – 10:44 अशुभ
चर 10:44 – 12:20 शुभ
लाभ 12:20 – 13:55 शुभ
अमृत 13:55 – 15:31 शुभ
काल 15:31 – 17:06 अशुभ
शुभ 17:06 – 18:42 शुभ

????चोघडिया, रात
अमृत 18:42 – 20:06 शुभ
चर 20:06 – 21:31 शुभ
रोग 21:31 – 22:55 अशुभ
काल 22:55 – 24:20* अशुभ
लाभ 24:20* – 25:45* शुभ
उद्वेग 25:45* – 27:09* अशुभ
शुभ 27:09* – 28:34* शुभ
अमृत 28:34* – 29:58* शुभ

????होरा, दिन
बृहस्पति 05:58 – 07:02
मंगल 07:02 – 08:05
सूर्य 08:05 – 09:09
शुक्र 09:09 – 10:13
बुध 10:13 – 11:16
चन्द्र 11:16 – 12:20
शनि 12:20 – 13:23
बृहस्पति 13:23 – 14:27
मंगल 14:27 – 15:31
सूर्य 15:31 – 16:34
शुक्र 16:34 – 17:38
बुध 17:38 – 18:42

????होरा, रात
चन्द्र 18:42 – 19:38
शनि 19:38 – 20:34
बृहस्पति 20:34 – 21:31
मंगल 21:31 – 22:27
सूर्य 22:27 – 23:24
शुक्र 23:24 – 24:20
बुध 24:20* – 25:16
चन्द्र 25:16* – 26:13
शनि 26:13* – 27:09
बृहस्पति 27:09* – 28:06
मंगल 28:06* – 29:02
सूर्य 29:02* – 29:58

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

सिंह > 04:06 से 06:28 तक
कन्या > 06:28 से 08:38 तक
तुला > 08:38 से 10: 50 तक
वृश्चिक > 10:50 से 13:12 तक
धनु > 13:12 से 15:18 तक
मकर > 15:18 से 18:10 तक
कुम्भ > 18:10 से 18:38 तक
मीन > 18:38 से 20:10 तक
मेष > 20:10 से 21:38 तक
वृषभ > 21:38 से 23:42 तक
मिथुन > 13:42 से 01:54 तक
कर्क > 01:54 से 04:10 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 11 + 5 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*अजा एकादशी व्रत (स्मार्त)

*सर्वार्थ सिद्धि योग 16:39 से

???????????? शुभ विचार ????????????

पक्षिणां काकचाण्डालः पशूनां चैव कुक्कुरः ।
मुनीनां पापी चाण्डालः सर्वचाण्डालनिन्दकः ।।
।। चा o नी o।।

पक्षीयों में कौवा नीच है. पशुओ में कुत्ता नीच है. जो तपस्वी पाप करता है वो घिनौना है. लेकिन जो दूसरो की निंदा करता है वह सबसे बड़ा चांडाल है.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: राजविद्याराज ह्य योग अo-09

तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्‌णाम्युत्सृजामि च ।,
अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन ॥,

मैं ही सूर्यरूप से तपता हूँ, वर्षा का आकर्षण करता हूँ और उसे बरसाता हूँ।, हे अर्जुन! मैं ही अमृत और मृत्यु हूँ और सत्‌-असत्‌ भी मैं ही हूँ॥,19॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
राजकीय अवरोध दूर होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। धर्म-कर्म में मन लगेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।
राशि फलादेश
????वृष
समाजसेवा में रुझान रहेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई आर्थिक नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। पुरानी व्याधि से परेशानी हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। समय अनुकूल है। लाभ लें। प्रमाद न करें।

????मिथुन
विवेक का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। कोई बड़ी बाधा से सामना हो सकता है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। रुका हुआ धन मिल सकता है। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी अपने के व्यवहार से दु:ख होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी का ध्यान खुद की तरफ खींच पाएंगे।

????कर्क
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। यात्रा में जल्दबाजी न करें, नुकसान संभव है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। स्वास्थ्‍य पर बड़ा खर्च हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। आय में कमी रहेगी। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी।

????सिंह
प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से कार्य में रुकावट होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। निवेश में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। जरूरी वस्तु गुम हो सकती है।

????‍♀️कन्या
दूर से अच्‍छी खबर प्राप्त हो सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर में अतिथियों पर व्यय होगा। किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी।

⚖️तुला
मित्रों की सहायता कर पाएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता रहेगी। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। समय अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी।

????वृश्चिक
धन का नुकसान या कोई बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। पारिवारिक चिंताएं रहेंगी। मेहनत अधिक तथा लाभ कम होगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग नहीं मिलेगा। कुसंगति से बचें, हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। प्रमाद न करें।

????धनु
बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ के असवर हाथ आएंगे। यात्रा में सावधानी रखें। किसी पारिवारिक आनंदोत्सव में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद न करें। बेचैनी रहेगी।

????मकर
जीवनसाथी से कहासुनी हो सकती है। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर होगी। करियर बनाने के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। पारिवारिक सहयोग से कार्य में आसानी होगी। दूसरों के कार्य में दखल न दें। प्रमाद से बचें।

????कुंभ
आशंका-कुशंका के चलते कार्य की गति धीमी रह सकती है। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्‍य की चिंता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। सभी ओर से सफलता प्राप्त होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ होगा।

????मीन
स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में विशेषकर स्त्रियां सावधानी रखें। कार्यों की गति धीमी रहेगी। बु‍द्धि का प्रयोग करें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। निराशा हावी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। लाभ होगा।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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