संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 11/01/2025 शनिवार

????????????????????????????????????????
|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
????????????????????????????????????????

दिनांक:-11/01/2025,शनिवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
पौष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- द्वादशी 08:21:01 तक
तिथि—त्रयोदशी 30:33:16(क्षय )
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— रोहिणी 12:28:24
योग———— शुक्ल 11:47:18
करण———- बालव 08:21:01
करण———– कौलव 19:25:27
करण———– तैतुल 30:33:16
वार———————- शनिवार
माह———————— पौष
चन्द्र राशि—– वृषभ 23:54:12
चन्द्र राशि————— मिथुन
सूर्य राशि—————— धनु
रितु———————- शिशिर
आयन—————– उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————- 1946
कलि संवत—————- 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:12:31
सूर्यास्त————— 17:42:04
दिन काल———— 10:29:33
रात्री काल————- 13:30:26
चंद्रोदय————– 15:00:46
चंद्रास्त—————- 29:47:10

लग्न—- धनु 26°52′ , 266°52′

सूर्य नक्षत्र———— उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र—————- रोहिणी
नक्षत्र पाया—————— लोहा

???????????? पद, चरण ????????????

वु—-रोहिणी 12:28:24

वे—- मृगशिरा 18:10:54

वो—- मृगशिरा 23:54:12

का—- मृगशिरा 29:38:25

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= धनु 26°40, उ o षा o 1 भे
चन्द्र=वृषभ 20°30 , रोहिणी 4 वु
बुध =धनु 09°52 ‘ मूल 3 भा
शु क्र= कुम्भ 14°05, शतभिषा ‘ 3 सी
मंगल=कर्क 04°30 ‘ पुष्य ‘ 1 हु
गुरु=वृषभ 18°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 21°28 ‘ पू o भा o , 1 से
राहू=(व) मीन 06°50 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 06°50 उ oफा o 4 पी

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 09:50 – 11:09 अशुभ
यम घंटा 13:46 – 15:05 अशुभ
गुली काल 07:13 – 08: 31अशुभ
अभिजित 12:06 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 08:36 – 09:18 अशुभ
वर्ज्यम 17:48 – 19:20 अशुभ
प्रदोष 17:42 – 20:27 शुभ

????चोघडिया, दिन
चर 07:12 – 08:31 शुभ
लाभ 08:31 – 09:50 शुभ
अमृत 09:50 – 11:08 शुभ
काल 11:08 – 12:27 अशुभ
शुभ 12:27 – 13:45 शुभ
रोग 13:45 – 15:04 अशुभ
उद्वेग 15:04 – 16:23 अशुभ
चर 16:23 – 17:41 शुभ

????चोघडिया, रात
रोग 17:41 – 19:23 अशुभ
काल 19:23 – 21:04 अशुभ
लाभ 21:04 – 22:46 शुभ
उद्वेग 22:46 – 24:27* अशुभ
शुभ 24:27* – 26:08* शुभ
अमृत 26:08* – 27:50* शुभ
चर 27:50* – 29:31* शुभ
रोग 29:31* – 31:13* अशुभ

????होरा, दिन
शुक्र 07:12 – 08:05
बुध 08:05 – 08:57
चन्द्र 08:57 – 09:50
शनि 09:50 – 10:42
बृहस्पति 10:42 – 11:34
मंगल 11:34 – 12:27
सूर्य 12:27 – 13:19
शुक्र 13:19 – 14:12
बुध 14:12 – 15:04
चन्द्र 15:04 – 15:56
शनि 15:56 – 16:49
बृहस्पति 16:49 – 17:41

????होरा, रात
मंगल 17:41 – 18:49
सूर्य 18:49 – 19:57
शुक्र 19:57 – 21:04
बुध 21:04 – 22:12
चन्द्र 22:12 – 23:19
शनि 23:19 – 24:27
बृहस्पति 24:27* – 25:35
मंगल 25:35* – 26:42
सूर्य 26:42* – 27:50
शुक्र 27:50* – 28:57
बुध 28:57* – 30:05
चन्द्र 30:05* – 31:13

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

धनु > 04:24 से 06:22 तक
मकर > 06:22 से 08:12 तक
कुम्भ > 08:12 से 09:44 तक
मीन > 09:44 से 11:14 तक
मेष > 11:14 से 12:54 तक
वृषभ > 12:54 से 14:52 तक
मिथुन > 14:52 से 17:04 तक
कर्क > 17:04 से 19:26 तक
सिंह > 19:26 से 21:36 तक
कन्या > 21:36 से 00:02 तक
तुला > 00:02 से 02:02 तक
वृश्चिक > 02:02 से 04:16 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

12 + 7 + 1 = 20 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*शनि प्रदोष व्रत (शिव पूजन)

*सर्वार्थ,अमृत सिद्धि योग 12:28 तक

*त्रयोदशीक्षय

???????????? शुभ विचार ????????????

कोकिलानां स्वरो रूपं नारीरूपं पतिव्रतम् ।
विद्यारूपं कुरूपाणांक्षमा रूपं रपस्विनाम् ।।
।। चा o नी o।।

कोयल की सुन्दरता उसके गायन मे है. एक स्त्री की सुन्दरता उसके अपने पिरवार के प्रति समर्पण मे है. एक बदसूरत आदमी की सुन्दरता उसके ज्ञान मे है तथा एक तपस्वी की सुन्दरता उसकी क्षमाशीलता मे है.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

असक्तिरनभिष्वङ्‍ग: पुत्रदारगृहादिषु ।,
नित्यं च समचित्तत्वमिष्टानिष्टोपपत्तिषु ॥,

पुत्र, स्त्री, घर और धन आदि में आसक्ति का अभाव, ममता का न होना तथा प्रिय और अप्रिय की प्राप्ति में सदा ही चित्त का सम रहना॥,9॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पठन-पाठन व लेखन आदि में मन लगेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त हो सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्रों के साथ मजोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। झंझटों से दूर बनाए रखें।

????वृष
सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। बाहर जाने का मन बनेगा। परिवार के साथ जीवन सुखमय गुजरेगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों से अपेक्षा न करें।

????मिथुन
अपेक्षित कार्यों में बाधा होगी। तनाव रहेगा। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास हानि का कारण बनेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। शोक समाचार मिल सकता है। पुराना रोग परेशानी का कारण रहेगा। व्यय होगा। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

????कर्क
अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से तनाव रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती हैं। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। लाभ में कमी रहेगी। फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। कर्ज लेना पड़ सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा।

????सिंह
रुका हुआ धन प्राप्त होने की संभावना है। यात्रा लाभदायक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। भाइयों का सहयोग आत्मशांति देगा। शत्रु पस्त होंगे। नौकरी में अधिकारी आप पर ध्यान देंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। व्यापार वृद्धि के लिए प्रयास हो सकते हैं। समय अनुकूल है। विवाद को बढ़ावा न दें।

????‍♀️कन्या
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। वरिष्ठजनों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। भाग्य अनुकूल है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस हो सकती है। घर के वृ‍द्धजनों के स्वास्थ्य पर व्यय होगा। जल्दबाजी न करें। लाभ होगा।

⚖️तुला
चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। जीवनसाथी से तनाव रह सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी अन्य व्यक्ति के उकसावे में न आएं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। झंझटों से दूर रहें। निवेश करने का सही समय नहीं है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। आय में कमी तथा तनाव रहेगा।

????वृश्चिक
परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। प्रमाद न करें। तीर्थदर्शन सुलभ हो सकते हैं। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। नौकरी में तनाव रहेगा। कार्यभार बढ़ सकता है। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। शत्रु सक्रिय रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा।

????धनु
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। व्यापार वृद्धि के लिए योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। पारिवारिक चिंता रहेगी। आशंका-कुशंका बने रहेंगे।

????मकर
भेंट व उपहार की प्राप्ति से मान बढ़ेगा। बेरोजगारी दूर होने के योग हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। भाग्य का साथ मिलता रहेगा।

????कुंभ
संपत्ति के कार्य लाभप्रद रहेंगे। कोई बड़ा कार्य हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाइयों से सहयोग प्राप्त होगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। लापरवाही से कोई भी कार्य न करें। चोट व दुर्घटना का भय है। आशंका-कुशंका रहेगी। विवाद से बचें।

????मीन
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। कार्यों में गति आएगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। शत्रुओं से सावधान रहें।

????आपका दिन मंगलमय हो????
????????????????????????????????????
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416

Leave a Comment

Read More