
भवानी सेवा समिति द्वारा विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया
आज दिनांक 12 जनवरी 2025दिन रविवार को स्वामी विवेकानन्द जयंती युवा महोत्सव के रूप में मनाई गई जिसमे आकाश कोरी सामाजिक कार्यकर्ता काकागंज के द्वारा यह आयोजन किया गया मुख्य अतिथि सागर नगर मंडल अध्यक्ष श्री अमित बैसाखिया,विक्रम सोनी, पार्षद गोलू कोरी, भरत माते,राजेश अग्रवाल, माधव भाई, दामोदर मासाब,जय सोनी के द्वारा स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर सभी ने अपने विचार व्यक्त किए। सामाजिक कार्यकर्ता इंजी. आकाश कोरी ने स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 को कलकत्ता में एक कुलीन कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। विवेकानंद जी ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे।विवेकानन्द आध्यात्मिकता की ओर झुके हुए थे। वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे जिनसे उन्होंने सीखा कि सारे जीवों मे स्वयं परमात्मा का ही अस्तित्व हैं; इसलिए हम मनुष्य दूसरे जरूरतमन्दो की मदद करके या सेवा द्वारा परमात्मा की भी सेवा कर सकते है।उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उन्हें दो मिनट का समय दिया गया था किन्तु उन्होंने प्रमुख रूप से अपने भाषण का आरम्भ “मेरे अमेरिकी भाइयों एवं बहनों” के साथ करने के लिये जाना जाता है। उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था।
इनका एक प्रमुख वाक्य
“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”
भारत में विवेकानन्द को एक देशभक्त सन्यासी के रूप में माना जाता है और उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों में राजेश फुशकेले,संतोष दीक्षित,निहाल,माखन ऑटो,दिप्पू, गोलू,हरीश,योगेश,विकाश,विवेक,अमन,सौरभ आदि समस्त वार्डवासी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का समापन एवं आभार राजेश फुशकेले ने किया।











