
भाजपा के पूर्व विधायक ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
5दिन से बैठे ग्रामीण जनों के साथ अनिशचित कालीन धरने पर अधिकारी नहीं ले रहे कोई सुध
देवरी –
सागर जिले की देवरी विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधायक रतन सिंह सिलारपुर विगत 5 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। रतन सिंह सिलारपुर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के समधि भी है,उन्होंने खोला अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा दिया है।
ग्राम गौरझामर में ओबीसी क्रांति सेना के नेतृत्व में एक अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जिसमें भगवान दत्तात्रेय की मूर्ति को कैद करने और मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा करने के मुद्दे को लेकर विरोध किया जा रहा है।
मुख्य बस स्टेण्ड के पास दत्रातेय मंदिर है जिसमें लोधी समाज की जमीन लगी हुई है। यह जमीन दत्तात्रेय मंदिर की देखरेख और पूजा पाठ की व्यवस्था के लिये लगाई गई थी। ओबीसी क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट देवेंद्र सिंह भी धरने बैठे एवं लोगों ने आरोप लगाया की कुछ स्वार्थी व्यक्तियों ने झूठे आधारों पर उक्त जमीन को अपने कब्जे में लिया और अपने दैनिक उपयोग के साथ-साथ एक बहुत बड़ा डबल मंजिल की अवैध कमर्शियल मार्केट का निर्माण कर किराए पर चला रहे, जबकि अंदर आबादी का 31 डिसमिल अर्थात लगभग 13500 वर्ग फुट का आवासीय पट्टा ले लिए जो कि अनैतिक है, आवासीय पट्टा मात्र 900 वर्ग फुट का बना है। उन्ही लोगों के पास 60 एकड़ कृषि भूमि भी हैं। और उक्त भूमि पर डबल मंजिल मार्केट बना जिसका का डायवर्शन भी नहीं है,मंदिर की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है। लगभग तीन एकड़ जमीन मन्दिर पर कब्जा कर लिया। और उक्त अवैध मार्केट तोड़ने का आदेश पूर्व कलेक्टर द्वारा दिया जा चुका है, फिर भी प्रशासन मौन है। भगवान दत्तात्रेय की मूर्ति को कैद कर रखा है, उक्त जमीन की राशि का दुरूपयोग 50-60 साल से किया जा रहा है। इस कारण गौरझामर की संपूर्ण समाज दत्तात्रेय मंदिर की मूर्ति को आजाद करने के लिये और भूमि का सार्वजनिक रूप से उपयोग हो सके। और भारत के महापुरूषों की मूर्तियां भी मंदिर में लगाई जा सके इसके लिये संवैधानिक तरीके से दत्तात्रेय मंदिर उन्मूलन शांतिपूर्ण धरना संवैधानिक तरीके से सर्व समाज द्वारा दिया जा रहा है। धरने का मुख्य उद्देश्य मंदिर की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करना और भगवान दत्तात्रेय की मूर्ति को आजाद करना है।
इसके अलावा, धरने में शामिल लोगों ने यह भी मांग की है कि भारत के समस्त मंदिरों में ओबीसी एस सी, एस टी को जनसंख्या अनुपात में ट्रस्टी और पुजारी बनाया जावे, ताकि समाज की जमीनों की रक्षा की जा सके और उनका सदुपयोग समाज हित में किया जा सके।
यह धरना पांच दिनों से चल रहा है और तब तक जारी रहेगा जब तक मांगे पूरी नहीं हो जातीं।











