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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:-09/03/2025, रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष,
फाल्गुन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि————दशमी 07:44:37 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— पुनर्वसु 23:54:14
योग———- सौभाग्य 14:57:16
करण————- गर 07:44:37
करण———– वणिज 19:40:33
वार———————– रविवार
माह——————— फाल्गुन
चन्द्र राशि—– मिथुन 17:44:45
चन्द्र राशि—————– कर्क
सूर्य राशि—————– कुम्भ
रितु———————— वसंत
आयन—————– उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————–1946
कलि संवत—————- 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:36:28
सूर्यास्त————— 18:23:11
दिन काल———— 11:46:42
रात्री काल————- 12:12:12
चंद्रोदय————– 13:48:52
चंद्रास्त—————- 28:15:16
लग्न—- कुम्भ 24°30′ , 324°30′
सूर्य नक्षत्र———- पूर्वा भाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र—————- पुनर्वसु
नक्षत्र पाया—————— रजत
???????????? पद, चरण ????????????
को—- पुनर्वसु 11:37:08
हा—- पुनर्वसु 17:44:45
ही—- पुनर्वसु 23:54:14
हु—- पुष्य 30:05:33
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= कुम्भ 24°40, पू oभाo 2 सो
चन्द्र= मिथुन 23°30 , पुनर्वसु 2 को
बुध =मीन 12°52 ‘ उ o भा o 3 झ
शु क्र= मीन 15°05, उ o फाo’ 4 ञ
मंगल=मिथुन 23°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 2 को
गुरु=वृषभ 18°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 27°28 ‘ पू o भा o , 3 दा
राहू=(व) मीन 03°50 उo भा o, 1 दू
केतु= (व)कन्या 03°50 उ oफा o 3 पा
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 16:55 – 18:23 अशुभ
यम घंटा 12:30 – 13:58 अशुभ
गुली काल 15:27 – 16: 55अशुभ
अभिजित 12:06 – 12:53 शुभ
दूर मुहूर्त 16:49 – 17:36 अशुभ
वर्ज्यम 11:37 – 13:15 अशुभ
प्रदोष 18:23 – 20:52. शुभ
????चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:36 – 08:05 अशुभ
चर 08:05 – 09:33 शुभ
लाभ 09:33 – 11:01 शुभ
अमृत 11:01 – 12:30 शुभ
काल 12:30 – 13:58 अशुभ
शुभ 13:58 – 15:27 शुभ
रोग 15:27 – 16:55 अशुभ
उद्वेग 16:55 – 18:23 अशुभ
????चोघडिया, रात
शुभ 18:23 – 19:55 शुभ
अमृत 19:55 – 21:26 शुभ
चर 21:26 – 22:58 शुभ
रोग 22:58 – 24:29* अशुभ
काल 24:29* – 26:01* अशुभ
लाभ 26:01* – 27:32* शुभ
उद्वेग 27:32* – 29:04* अशुभ
शुभ 29:04* – 30:35* शुभ
????होरा, दिन
सूर्य 06:36 – 07:35
शुक्र 07:35 – 08:34
बुध 08:34 – 09:33
चन्द्र 09:33 – 10:32
शनि 10:32 – 11:31
बृहस्पति 11:31 – 12:30
मंगल 12:30 – 13:29
सूर्य 13:29 – 14:28
शुक्र 14:28 – 15:27
बुध 15:27 – 16:25
चन्द्र 16:25 – 17:24
शनि 17:24 – 18:23
????होरा, रात
बृहस्पति 18:23 – 19:24
मंगल 19:24 – 20:25
सूर्य 20:25 – 21:26
शुक्र 21:26 – 22:27
बुध 22:27 – 23:28
चन्द्र 23:28 – 24:29
शनि 24:29* – 25:30
बृहस्पति 25:30* – 26:31
मंगल 26:31* – 27:32
सूर्य 27:32* – 28:33
शुक्र 28:33* – 29:34
बुध 29:34* – 30:35
????उदयलग्न प्रवेशकाल ????
कुम्भ > 04:16 से 05:54 तक
मीन > 05:54 से 07:22 तक
मेष > 07:22 से 09:00 तक
वृषभ > 09:00 से 10:58 तक
मिथुन > 10:58 से 13:16 तक
कर्क > 13:16 से 15:32 तक
सिंह > 15:32 से 17:42 तक
कन्या > 17:42 से 19:56 तक
तुला > 19:56 से 22:10 तक
वृश्चिक > 22:10 से 00:30 तक
धनु > 00:30 से 02:24 तक
मकर > 02:24 से 04:10 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
10 + 1 + 1 = 12 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
रात्रि 19:45 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक = सर्वकाय विनाशिनी
???????? विशेष जानकारी ????????
*लट्ठमार होली (नंदगांव)
*सर्वार्थ सिद्धि योग 23:54 से
???????????? शुभ विचार ????????????
प्रत्युत्थानञ्च युध्द्ञ्च संविभागञ्च बन्धुषु ।
स्वयमाक्रम्यभुक्तञ्चशिक्षेच्चत्वारिकुक्कुटात् ।।
।। चा o नी o।।
मुर्गे से हे चार बाते सीखे…
१. सही समय पर उठे.
२. नीडर बने और लढ़े.
३. संपत्ति का रिश्तेदारों से उचित बटवारा करे.
४. अपने कष्ट से अपना रोजगार प्राप्त करे.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: पुरुषोत्तमयोग :- अo-15
निर्मानमोहा जितसङ्गदोषा
अध्यात्मनित्या विनिवृत्तकामाः ।,
द्वन्द्वैर्विमुक्ताः सुखदुःखसञ्ज्ञै-
र्गच्छन्त्यमूढाः पदमव्ययं तत् ॥,
जिनका मान और मोह नष्ट हो गया है, जिन्होंने आसक्ति रूप दोष को जीत लिया है, जिनकी परमात्मा के स्वरूप में नित्य स्थिति है और जिनकी कामनाएँ पूर्ण रूप से नष्ट हो गई हैं- वे सुख-दुःख नामक द्वन्द्वों से विमुक्त ज्ञानीजन उस अविनाशी परम पद को प्राप्त होते हैं॥,5॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
मानसिक शांति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा।
????वृष
वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।
????मिथुन
कार्यक्षेत्र के लिए नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। बिगड़े काम बन सकते हैं। समाजसेवा करने का मन बनेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। आराम का समय नहीं मिलेगा। थकान रहेगी।
????कर्क
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।
????सिंह
समाजसेवा करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। खोई हुई वस्तु मिलने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।
????♀️कन्या
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग ले सकते हैं। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।
⚖️तुला
किसी तरह से बड़ा लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी तरह के विवाद में विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में नया कार्य मिल सकता है।
????वृश्चिक
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। थकान व कमजोरी रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दूसरों से अधिक अपेक्षा न करें। बेवजह चिड़चिड़ापन रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कार्य में मन नहीं लगेगा।
????धनु
भावना में बहकर महत्वपूर्ण निर्णय न लें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लाभ होगा। स्वास्थ्य के संबंध में लापरवाही न करें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से हानि होगी।
????मकर
मनपसंद व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य उत्साह व लगन से कर पाएगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। प्रमाद न करें।
????कुंभ
घर, दुकान, फैक्टरी व शोरूम इत्यादि के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कारोबार में बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके काम बनेंगे। घर-बाहर उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे।
????मीन
प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में मातहत साथ देंगे।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416











