संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 18/03/2025/मंगलवार

????????????????????????????????????????
|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
????????????????????????????????????????

दिनांक:- 18/03/2025, मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि —————-चतुर्थी 22:08:43 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———– स्वाति 17:50:49
योग———- व्याघात 16:42:34
करण————– बव 08:51:02
करण———- बालव 22:08:43
वार——————– मंगलवार
माह————————- चैत्र
चन्द्र राशि—————- तुला
सूर्य राशि—————_ मीन
रितु———————— वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)———— कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————- 1946
कलि संवत————— 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:26:35
सूर्यास्त—————- 18:28:07
दिन काल———— 12:01:31
रात्री काल————- 11:57:21
चंद्रास्त————– 08:20:05
चंद्रोदय—————- 22:08:57

लग्न—- मीन 3°28′ , 333°28′

सूर्य नक्षत्र——– उत्तरा भाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र—————— स्वाति
नक्षत्र पाया—————— रजत

???????????? पद, चरण ????????????

रो—- स्वाति 11:04:51

ता—- स्वाति 17:50:49

ती—- विशाखा 24:36:23

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= मीन 03°40, उ oभाo 1 दू
चन्द्र= तुला 14°30 , स्वाति 3 रो
बुध =मीन 14°52 ‘ उ o भा o 4 ञ
शु क्र= मीन 11°05, उ o फाo’ 3 झ
मंगल=मिथुन 25°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 2 को
गुरु=वृषभ 19°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 28°28 ‘ पू o भा o , 3 दा
राहू=(व) मीन 03°20 उo भा o, 1 दू
केतु= (व)कन्या 03°20 उ oफा o 3 पा

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 15:28 – 16:58 अशुभ
यम घंटा 09:27 – 10:57 अशुभ
गुली काल 12:27 – 13: 58अशुभ
अभिजित 12:03 – 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 08:51 – 09:39 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:16 – 24:04* अशुभ
वर्ज्यम 24:09* – 25:57* अशुभ
प्रदोष 18:28 – 20:54 शुभ

????चोघडिया, दिन
रोग 06:27 – 07:57 अशुभ
उद्वेग 07:57 – 09:27 अशुभ
चर 09:27 – 10:57 शुभ
लाभ 10:57 – 12:27 शुभ
अमृत 12:27 – 13:58 शुभ
काल 13:58 – 15:28 अशुभ
शुभ 15:28 – 16:58 शुभ
रोग 16:58 – 18:28 अशुभ

????चोघडिया, रात
काल 18:28 – 19:58 अशुभ
लाभ 19:58 – 21:27 शुभ
उद्वेग 21:27 – 22:57 अशुभ
शुभ 22:57 – 24:27* शुभ
अमृत 24:27* – 25:56* शुभ
चर 25:56* – 27:26* शुभ
रोग 27:26* – 28:56* अशुभ
काल 28:56* – 30:25* अशुभ

????होरा, दिन
मंगल 06:27 – 07:27
सूर्य 07:27 – 08:27
शुक्र 08:27 – 09:27
बुध 09:27 – 10:27
चन्द्र 10:27 – 11:27
शनि 11:27 – 12:27
बृहस्पति 12:27 – 13:27
मंगल 13:27 – 14:28
सूर्य 14:28 – 15:28
शुक्र 15:28 – 16:28
बुध 16:28 – 17:28
चन्द्र 17:28 – 18:28

????होरा, रात
शनि 18:28 – 19:28
बृहस्पति 19:28 – 20:28
मंगल 20:28 – 21:27
सूर्य 21:27 – 22:27
शुक्र 22:27 – 23:27
बुध 23:27 – 24:27
चन्द्र 24:27* – 25:27
शनि 25:27* – 26:26
बृहस्पति 26:26* – 27:26
मंगल 27:26* – 28:26
सूर्य 28:26* – 29:26
शुक्र 29:26* – 30:25

????उदयलग्न प्रवेशकाल ????

मीन > 06:18 से 07:44 तक
मेष > 07:44 से 09:22 तक
वृषभ > 09:22 से 11:16 तक
मिथुन > 11:16 से 13:34 तक
कर्क > 13:34 से 15:50 तक
सिंह > 15:50 से 18:06 तक
कन्या > 18:06 से 20:20 तक
तुला > 20:20 से 22:34 तक
वृश्चिक > 22:34 से 00:56 तक
धनु > 00:56 से 03:12 तक
मकर > 02:12 से 04:46 तक
कुम्भ > 04:46 से 06:14 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 4 + 3 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*रात्रि बासौडा निर्माण

???????????? शुभ विचार ????????????

इन्द्रियाणि च संयम्य वकवत् पण्डितो नरः ।
देशकालबलं ज्ञात्वा सर्वकार्याणि साधयेत् ।।
।। चा o नी o।।

बुद्धिमान व्यक्ति अपने इन्द्रियों को बगुले की तरह वश में करते हुए अपने लक्ष्य को जगह, समय और योग्यता का पूरा ध्यान रखते हुए पूर्ण करे.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: पुरुषोत्तमयोग :- अo-15

अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः ।,
प्राणापानसमायुक्तः पचाम्यन्नं चतुर्विधम्‌ ॥,

मैं ही सब प्राणियों के शरीर में स्थित रहने वाला प्राण और अपान से संयुक्त वैश्वानर अग्नि रूप होकर चार (भक्ष्य, भोज्य, लेह्य और चोष्य, ऐसे चार प्रकार के अन्न होते हैं, उनमें जो चबाकर खाया जाता है, वह ‘भक्ष्य’ है- जैसे रोटी आदि।, जो निगला जाता है, वह ‘भोज्य’ है- जैसे दूध आदि तथा जो चाटा जाता है, वह ‘लेह्य’ है- जैसे चटनी आदि और जो चूसा जाता है, वह ‘चोष्य’ है- जैसे ईख आदि) प्रकार के अन्न को पचाता हूँ॥,14॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।

????वृष
वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी। अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

????मिथुन
अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे।

????कर्क
तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।

????सिंह
घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा।

????‍♀️कन्या
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।

⚖️तुला
वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।

????वृश्चिक
चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।

????धनु
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी। प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है।

????मकर
शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा।

????कुंभ
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

????मीन
पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी।

????आपका दिन मंगलमय हो????
????????????????????????????????????
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416

Leave a Comment

Read More