
????????????????????????????????????????
|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
????????????????????????????????????????
दिनांक:- 25/03/2025, मंगलवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———एकादशी 27:44:59 तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———– श्रवण 27:48:34
योग————– शिव 14:52:03
करण————- बव 16:30:28
करण———- बालव 27:44:59
वार——————— मंगलवार
माह———————— चैत्र
चन्द्र राशि—————– मकर
सूर्य राशि—————— मीन
रितु———————— वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————– 1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:18:44
सूर्यास्त————- 18:31:48
दिन काल———— 12:13:03
रात्री काल———– 11:45:48
चंद्रास्त————– 14:12:25
चंद्रोदय—————- 28:10:35
लग्न—- मीन 10°25′ , 340°25′
सूर्य नक्षत्र——– उत्तरा भाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र—————— श्रवण
नक्षत्र पाया——————- ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
खी—- श्रवण 10:20:45
खू—- श्रवण 16:12:48
खे—- श्रवण 22:02:03
खो—- श्रवण 27:48:34
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मीन 10°40, उ oभाo 3 झ
चन्द्र= मकर 11°30 , श्रवण 1 खी
बुध =मीन 10°52 ‘ उ o भा o 3 झ
शु क्र= मीन 07°05, उ o फाo’ 2 थ
मंगल=मिथुन 27°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 3 हा
गुरु=वृषभ 20°30 रोहिणी, 4 वु
शनि=कुम्भ 29°28 ‘ पू o भा o , 3 दा
राहू=(व) मीन 02°58 पू o भा o, 4 दी
केतु= (व)कन्या 02°58 उ oफा o 2 टो
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 15:29 – 17:00 अशुभ
यम घंटा 09:22 – 10:54 अशुभ
गुली काल 12:25 – 13: 57अशुभ
अभिजित 12:01 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:45 – 09:34 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:15 – 24:03* अशुभ
वर्ज्यम 08:23 – 09:57 अशुभ
प्रदोष 18:32 – 20:55 शुभ
????चोघडिया, दिन
रोग 06:19 – 07:50 अशुभ
उद्वेग 07:50 – 09:22 अशुभ
चर 09:22 – 10:54 शुभ
लाभ 10:54 – 12:25 शुभ
अमृत 12:25 – 13:57 शुभ
काल 13:57 – 15:29 अशुभ
शुभ 15:29 – 17:00 शुभ
रोग 17:00 – 18:32 अशुभ
????चोघडिया, रात
काल 18:32 – 20:00 अशुभ
लाभ 20:00 – 21:28 शुभ
उद्वेग 21:28 – 22:56 अशुभ
शुभ 22:56 – 24:25* शुभ
अमृत 24:25* – 25:53* शुभ
चर 25:53* – 27:21* शुभ
रोग 27:21* – 28:49* अशुभ
काल 28:49* – 30:18* अशुभ
????होरा, दिन
मंगल 06:19 – 07:20
सूर्य 07:20 – 08:21
शुक्र 08:21 – 09:22
बुध 09:22 – 10:23
चन्द्र 10:23 – 11:24
शनि 11:24 – 12:25
बृहस्पति 12:25 – 13:26
मंगल 13:26 – 14:27
सूर्य 14:27 – 15:29
शुक्र 15:29 – 16:30
बुध 16:30 – 17:31
चन्द्र 17:31 – 18:32
????होरा, रात
शनि 18:32 – 19:31
बृहस्पति 19:31 – 20:29
मंगल 20:29 – 21:28
सूर्य 21:28 – 22:27
शुक्र 22:27 – 23:26
बुध 23:26 – 24:25
चन्द्र 24:25* – 25:24
शनि 25:24* – 26:22
बृहस्पति 26:22* – 27:21
मंगल 27:21* – 28:20
सूर्य 28:20* – 29:19
शुक्र 29:19* – 30:18
????उदयलग्न प्रवेशकाल ????
मीन > 05:50 से 07:14 तक
मेष > 07:14 से 08:54 तक
वृषभ > 08:54 से 10:52 तक
मिथुन > 10:52 से 13:10 तक
कर्क > 13:10 से 15:26 तक
सिंह > 15:26 से 17:38 तक
कन्या > 17:38 से 19:56 तक
तुला > 19:56 से 22:08 तक
वृश्चिक > 22:08 से 00:32 तक
धनु > 00:32 से 02:48 तक
मकर > 02:48 से 04:22 तक
कुम्भ > 04:22 से 05:46 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 11 + 3 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
राहु ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष
कैलाश वास = शुभ कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*पापमोचनी एकादशी व्रत (स्मार्त)
*शुक्रोदय पूर्व 15:03
???????????? शुभ विचार ????????????
स्न्तोषामृततृप्तानां यत्सुखं शान्तिरेव च ।
न च तध्दनलुब्धानामितश्चेतश्च धावताम् ।।
।। चा o नी o।।
जो सुख और शांति का अनुभव स्वरुप ज्ञान को प्राप्त करने से होता है, वैसा अनुभव जो लोभी लोग धन के लोभ में यहाँ वहा भटकते रहते है उन्हें नहीं होता.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-16
अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः।,
दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम्॥,
श्री भगवान बोले- भय का सर्वथा अभाव, अन्तःकरण की पूर्ण निर्मलता, तत्त्वज्ञान के लिए ध्यान योग में निरन्तर दृढ़ स्थिति (परमात्मा के स्वरूप को तत्त्व से जानने के लिए सच्चिदानन्दघन परमात्मा के स्वरूप में एकी भाव से ध्यान की निरन्तर गाढ़ स्थिति का ही नाम ‘ज्ञानयोगव्यवस्थिति’ समझना चाहिए) और सात्त्विक दान (गीता अध्याय 17 श्लोक 20 में जिसका विस्तार किया है), इन्द्रियों का दमन, भगवान, देवता और गुरुजनों की पूजा तथा अग्निहोत्र आदि उत्तम कर्मों का आचरण एवं वेद-शास्त्रों का पठन-पाठन तथा भगवान् के नाम और गुणों का कीर्तन, स्वधर्म पालन के लिए कष्टसहन और शरीर तथा इन्द्रियों के सहित अन्तःकरण की सरलता॥,1॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। मकान, वाहन क्रय करने के योग बनेंगे। संतान की आजीविका संबंधी चिंता का समाधान होगा। ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी।
????वृष
यात्रा में सावधानी रखें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। बातचीत, व्यवहार, निर्णय गुप्त रखें। प्रापर्टी के विवाद हल होंगे। आजीविका में आने वाली रुकावटें दूर होने के योग हैं।
????मिथुन
पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर तनाव रहेगा। व्यापार में लाभप्रद कार्य, योजनाओं में प्रगति होगी। अच्छे समय का उपयोग करेंगे। कार्य में तरक्की की संभावना बढ़ेगी। रुका पैसा मिलेगा।
????कर्क
लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। चोट व रोग से बचें। क्रोध, उत्तेजना पर संयम रखें। जवाबदारी बढ़ेगी। सोचे कार्यों में सफलता मिलेगी। अवसरों को न जाने दें। परिवार के सदस्यों से मतभेद हो सकते हैं।
????सिंह
कुसंगति से बचें। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। वस्तुएं संभालकर रखें। व्यर्थ मामलों में उलझना पड़ सकता है। व्यापार में हानि होने से आर्थिक कष्ट हो सकता है। धर्म-कर्म में मन लगेगा। स्वास्थ्य की चिंता समाप्त होगी। निवास संबंधी समस्या रह सकती है।
????♀️कन्या
ऐश्वर्य पर खर्च होगा। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। व्यापार में नई योजनाओं का शुभारंभ होगा। आर्थिक स्थिति संतोषप्रद रह सकेगी। आशा-निराशा की स्थिति रहेगी। अपने खर्च, लेन-देन पर नियंत्रण रखें।
⚖️तुला
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। आर्थिक जवाबदारी सीमित रखें। विश्वासप्रद वातावरण नहीं रहेगा। संतान के कार्यों से असंतोष रहेगा। मित्रों से अनबन होगी। सामाजिक सम्मान में कमी आएगी।
????वृश्चिक
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार में शुभ आयोजन होंगे। विरोधियों पर विजय और रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में वांछनीय प्रगति होगी।
????धनु
भय, पीड़ा व तनाव का माहौल रहेगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। विवाद न करें। मेहनत अधिक, लाभ कम होगा। काम-धंधे की चिंता से मन उदास होगा। परिवार में कलह, क्लेश का माहौल रहेगा। सतर्कता रखें। दुस्साहस आपके लिए हानिकारक होगा।
????मकर
कोई बड़ी समस्या सामने आ सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। पैतृक संपत्ति के क्षेत्र में उन्नति होगी। विभिन्न स्रोतों से धन लाभ होने के योग हैं। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।
????कुंभ
पुराने संगी-साथी मिलेंगे। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अध्यात्म और विज्ञान में रुचि बढ़ेगी। नौकरी, राजनीति के क्षेत्र में भाग्योदय की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन होंगे। बौद्धिक क्षेत्र में पदोन्नति होगी।
????मीन
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें। वाहन की गति पर नियंत्रण रखना जरूरी है। आर्थिक उन्नति संबंधी शुभ समाचार प्राप्त होंगे। साझेदारी व्यवसाय में इच्छित लाभ के योग बनेंगे। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।
????आपका दिन मंगलमय हो????
????????????????????????????????????
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416











