
अखिल भारतीय एनसीसी थल सैनिक शिविर (एआईटीएससी-2025) का 11 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह 12 दिवसीय प्रतिष्ठित शिविर डीजीएनसीसी कैंप, दिल्ली कैंट में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के 17 एनसीसी निदेशालयों से 1,547 कैडेट्स (लड़के और लड़कियां दोनों) ने भाग लिया। उक्त शिविर में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निर्देशालय से एन सी सी ग्रुप सागर के 07 ncc कैडेट भी सम्मिलित हुए थे जिनमें सार्जेंट प्रशांत प्रजापति, शासकीय आई टी आई सागर 33 मध्यप्रदेश बटालियन, सीनियर अंडर ऑफिसर अजय पटेल, सार्जेंट
नमन सिंह, यूनिवर्सिटी सागर 3 सिग्नल मध्यप्रदेश बटालियन,सार्जेंट अनंत प्रधान, दीपक मेमोरियल स्कूल 11 मध्यप्रदेश बटालियन एवं कैडेट पूजा पटेल, कैडेट नमामि मिश्रा दीपक मेमोरियल स्कूल, कैडेट गौरी सोनी एम एल बी स्कूल सागर जो 7 मध्यप्रदेश बालिका बटालियन सागर ने हिस्सा लिया
शिविर में
कठिन प्रशिक्षण और प्रतियोगिताएं आयोजित हुई, जिसने उनकी शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और नेतृत्व कौशल की कड़ी परीक्षा ली। इन गतिविधियों में शामिल थे:
- हथियार संचालन एवं फायरिंग: कैडेटों ने अपनी सटीकता और नियंत्रण का प्रदर्शन किया।
- नक्शा पढ़ना, दूरी का आकलन एवं फील्ड सिग्नल: दिशा-निर्देशन और युद्धक्षेत्र संचार के लिए आवश्यक कौशल का परीक्षण किया गया।
- बाधा प्रशिक्षण: कैडेटों की शारीरिक सहनशक्ति और दृढ़ता की परीक्षा ली गई।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रतियोगिताएं: फील्ड परिस्थितियों और व्यक्तिगत स्वास्थ्य की समझ की परख की गई।
उपलब्धियां और सम्मान:
शिविर के समापन समारोह में, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया। सागर से सार्जेंट अनंत प्रधान, दीपक मेमोरियल स्कूल 11 मध्यप्रदेश बटालियन ने सर्विस सूटिंग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरवीर पाल सिंह ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों के अनुशासन, समर्पण और टीम वर्क की भावना की प्रशंसा की, जो उन्होंने पूरे शिविर के दौरान प्रदर्शित की।
घर वापसी और उत्साह:
शिविर से लौटने पर, सभी कैडेटों सागर रेलवे स्टेशन पर ncc अधिकारियों, एन सी सी कैडेट, नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ब्रिगेडियर दीपक बहुगुणा, ग्रुप कमांडर सागर ग्रुप द्वारा सम्मिलित कैडेट को बधाई दी और कहा कि इस शिविर में भाग लेना सभी कैडेटों के लिए एक गौरव का क्षण था, क्योंकि यह एनसीसी के कैलेंडर में गणतंत्र दिवस परेड के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शिविर माना जाता है। कैडेटों ने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें न केवल सैन्य जीवन के बारे में महत्वपूर्ण ज्ञान दिया, बल्कि उनमें राष्ट्र सेवा की भावना और नेतृत्व के गुणों को भी विकसित किया।
इस शिविर में प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव ने कैडेटों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया है और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के सैनिक के रूप में सशक्त बनाया है।











