
आपसी सहमति के प्रकरणों एवं 2 से 5 वर्ष तक के लंबित भू अर्जन प्रकरणों को शीघ्रता से करें निराकृत
एजेंसी सजगता से कार्य करें, प्रस्ताव आते ही जिम्मेदारी से प्रकरणों का निराकरण करें एसडीएम
भू अर्जन के प्रकरण तय समय सीमा में निराकृत करें
- कलेक्टर प्रतिभा पाल
आपसी सहमति के प्रकरणों के लंबित रहने एवं धारा 11, 19, 21 में संतोषजनक कार्य न होने पर कलेक्टर ने व्यक्त की नाराजगी
भू-अर्जन प्रकरणों एवं उनके निराकरण की समीक्षा बैठक संपन्न
सागर 18 अप्रैल 2026
आपसी सहमति के प्रकरणों एवं 2 से 5 वर्ष तक के लंबित भू-अर्जन के प्रकरणों को शीघ्रता से निराकृत करें, एजेंसी भू-अर्जन में सजगता से कार्य करें, प्रस्ताव आते ही जिम्मेदारी से प्रकरणों का निराकरण करें एसडीएम एवं भू अर्जन के प्रकरण तय समय सीमा में निराकृत करें। उक्त निर्देश कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी में कक्ष आयोजित भू-अर्जन प्रकरणों एवं उनके निराकरण की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में अपर कलेक्टर अविनाश रावत, समस्त एसडीएम (राजस्व), लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण, रेलवे, NHAI सहित अन्य अधिकारी एवं सम्बंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भू अर्जन के प्रकरणों का तय समय सीमा में निराकरण करें। भू स्वामियों को मुआवजा राशि का वितरण करके संबंधित विभाग को निर्माण कार्य के लिए जमीन उपलब्ध कराएं। अर्जित की गई भूमि पर संबंधित विभाग का नाम खसरे में दर्ज करें। भू अर्जन के कारण किसी भी परियोजना के शुरू होने में देरी न हो। 2 से 5 साल से लंबित भू अर्जन के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करें। उन्होंने कहा कि भू अर्जन के ऐसे समस्त प्रकरणों में जिसमें मुआवजा वितरित किया जा चुका है, से अतिक्रमण हटा कर संबंधित एजेंसी को कब्जा दिलाएं। अवॉर्ड पारित होने के बाद एसडीएम अपना कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। पेमेंट पत्रकों में खसरा की प्रति साथ में लगाएं।
कलेक्टर पाल ने आपसी सहमति के प्रकरणों के लंबित रहने एवं धारा 11, 19, 21 में संतोषजनक कार्य न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भू अर्जन के प्रकरणों में किसी भी लापरवाही एवं लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण, एनएचएआई, रेलवे आरओबी, दिल्ली नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर, सागर दमोह मार्ग तथा जल संसाधन विभाग से संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा की गई।











