विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रशासन की पैनी नजर; डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी और सदस्य सचिव डॉ. सरोज गुप्ता ने तैयार की प्रभावी रणनीति

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रशासन की पैनी नजर; डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी और सदस्य सचिव डॉ. सरोज गुप्ता ने तैयार की प्रभावी रणनीति

​सागर/ ​विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल और उनके मध्य बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से ‘जिला स्तरीय निगरानी समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी की अध्यक्षता तथा समिति की सदस्य सचिव एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटर्स में विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

​प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने प्रस्तुत की कार्ययोजना

​समिति की सदस्य सचिव एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने उच्च शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक कॉलेज में महिला और पुरुष दोनों काउंसलर्स की नियुक्ति की जाए, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी संकोच के अपनी मानसिक समस्याओं को साझा कर सकें। साथ ही, उन्होंने छात्राओं के लिए विशेष रूप से गाइनेकोलॉजिस्ट के नियमित व्याख्यान आयोजित करने का निर्णय लिया।

​कोचिंग संस्थानों की होगी मैपिंग और मॉनिटरिंग

​बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉ. रोहित त्रिवेदी ने सुझाव दिया कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों की एक विस्तृत सूची (मैपिंग) तैयार की जाए। समिति ने तय किया कि इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों और एनजीओ के साथ अग्रणी महाविद्यालय में संयुक्त बैठकें की जाएंगी। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ. मनीष कुमार सोनी ने शिक्षकों द्वारा छात्रों के व्यवहार में होने वाले बदलावों की सूक्ष्म निगरानी करने और अभिभावकों को समय पर सूचित करने के दायित्व को महत्वपूर्ण बताया।

​योग, मेडिटेशन और सोशल मीडिया अवेयरनेस

​नागरिक समाज प्रतिनिधि डॉ. एम.डी. त्रिपाठी एवं डॉ. जाहन्वी मुखारया ने शिक्षण संस्थानों में योग, मेडिटेशन और नियमित प्रेरणात्मक सत्रों के आयोजन को अनिवार्य बताया। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि युवाओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और डिजिटल एंग्जायटी से बचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
​दिव्यांगजनों और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान
​बैठक में सामाजिक न्याय विभाग के आदर्श सैलार और आदिवासी विकास विभाग की सुश्री मुस्कान खान ने भी अपने विचार रखे। समिति ने निर्णय लिया कि दिव्यांग विद्यार्थियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके लिए विशेष कौशल उन्नयन (Skill Development) सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे तनावग्रस्त छात्रों की पहचान कर उनकी उचित काउंसलिंग सुनिश्चित करें।

​समिति के ये प्रमुख सदस्य रहे उपस्थित
​बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं अध्यक्ष रजत सोनी, प्राचार्य एवं सदस्य सचिव ​डॉ. सरोज गुप्ता बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से
​डॉ. रोहित त्रिवेदी, शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज से
​डॉ. मनीष कुमार सोनी, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग से आदर्श सैलार, आदिवासी विकास विभाग से ​सुश्री मुस्कान खान तथा नागरिक समाज प्रतिनिधि के तौर पर ​डॉ. एम.डी. त्रिपाठी एवं डॉ. जाहन्वी मुखारया की प्रमुख रूप से उपस्थित रही।

Leave a Comment

Read More