शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु ‘सीताराम रसोई परिवार’ का सराहनीय कदम; बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को भेंट की अत्याधुनिक HFNC मशीन

शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु ‘सीताराम रसोई परिवार’ का सराहनीय कदम; बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को भेंट की अत्याधुनिक HFNC मशीन

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने सेवा-प्रयासों को सराहा; तकनीक और सेवा के समन्वय से नवजातों को मिलेगा जीवन रक्षा कवच

गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को वेंटिलेटर की जटिलता से बचाएगी यह आधुनिक मशीन

सागर, 18 जुलाई 2026
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग में नवजात शिशुओं की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ‘सीताराम रसोई परिवार’ द्वारा एक अत्याधुनिक HFNC (High Flow Nasal Cannula) मशीन दान स्वरूप भेंट की गई। चिकित्सा महाविद्यालय के प्रशासनिक नेतृत्व की उपस्थिति में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान यह जीवन-रक्षक उपकरण विभाग को सौंपा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर द्वारा की गई, जबकि मंच संचालन डॉ. मनीष जैन ने किया। इस अवसर पर संस्था के प्रतिनिधि मंडल से श्री प्रकाश चौबे, श्री हिमांशु मिश्रा, श्री मनोज वर्मा, श्री प्रभात चौबे, श्री प्रभात जैन, श्री दिलीप मुखारिया, श्री राजीव चौरसिया, श्री संजीव चौरसिया एवं श्री राजेश गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतीत में भी रहा है संस्था का अनुकरणीय योगदान
उल्लेखनीय है कि सीताराम रसोई परिवार द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर जनसहयोग प्रदान किया जाता रहा है। इससे पूर्व भी संस्था द्वारा फोटोथेरेपी मशीन सहित कई आवश्यक चिकित्सा उपकरण शिशु रोग विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं, जो क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुए हैं।
संस्था के संरक्षक श्री प्रकाश चौबे ने इस सेवा पहल पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की अनमोल मुस्कान और उनकी नन्हीं सांसों की रक्षा से बड़ा सामाजिक उत्तरदायित्व कोई दूसरा नहीं हो सकता। संस्था समाज के सहयोग को अस्पताल के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुँचाने हेतु एक सेतु के रूप में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने संस्था के सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि सीताराम रसोई परिवार का यह निरंतर सहयोग शासकीय चिकित्सा संस्थानों के लिए संबल प्रदान करने वाला है। इन आधुनिक मशीनों के समावेशन से विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे अनगिनत मासूमों का भविष्य सुरक्षित किया जा रहा है।

इस पुनीत अवसर पर बाल एवं शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष जैन, डॉ. शालिनी हजेला, डॉ. रूपा अग्रवाल, डॉ. अजीत असाटी एवं डॉ. महेंद्र सिंह चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। डॉ. अंकित जैन ने संस्था के इस अनुकरणीय सहयोग के प्रति शासकीय स्तर पर आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. रविकांत अरजरिया, डॉ. अमर गंगवानी, डॉ. अंजलि पटेल, डॉ. संजय प्रसाद, डॉ. शीला जैन एवं डॉ. राघवेंद्र चौबे सहित मेडिकल कॉलेज के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।

नन्हे फेफड़ों के लिए वरदान है एचएफएनसी तकनीक
शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, यह अत्याधुनिक मशीन गंभीर रूप से बीमार नवजातों को उच्च प्रवाह वाली ऑक्सीजन सहायता प्रदान करती है, जिससे उन्हें वेंटिलेटर जैसी जटिल और आक्रामक चिकित्सा प्रक्रियाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह तकनीक नवजातों के नन्हे फेफड़ों को सुरक्षित रखते हुए उनकी तीव्र रिकवरी में मील का पत्थर साबित हो रही है।

मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने बताया कि, शासकीय चिकित्सालयों में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश और उसमें समाज का ऐसा सक्रिय योगदान अनुकरणीय है। सीताराम रसोई परिवार द्वारा भेंट की गई HFNC मशीन से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को समय पर सटीक उपचार मिल सकेगा। यह तकनीक हमारे बाल रोग विभाग की आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी। बीएमसी प्रबंधन इस पुनीत कार्य के लिए संस्था का आभार व्यक्त करता है।

Leave a Comment

Read More