
सैंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ सत्याग्रह.-प्राचार्य से मुलाकात कर मांगों से अवगत कराया
कलेक्टर सागर के नाम पुलिस को सौंपा ज्ञापन
सागर दिनाँक 16/7/26
सैंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल सागर प्रबंधन द्वारा कुछ बच्चों को परेशान किए जाने तथा उसी स्कूल में अध्यनरत बच्चों को दाखिला नहीं दिए जाने,शासकीय नियम, कानून का उल्लंघन किए जाने एवं तानाशाही पूर्ण रवैये के विरोध में आज मध्यप्रदेश पालक महासंघ जिला इकाई सागर द्वारा सैंट जोसेफ स्कूल केंट सागर पहुंचकर सत्याग्रह किया सत्याग्रह के दौरान स्कूल की प्राचार्य सिस्टर मोली थॉमस से मुलाकात कर उनकी कमियों और छात्रों के साथ हो रहे अमानवीय व्यावहार तथा मांग पत्र से अवगत कराया साथ ही कलेक्टर सागर के नाम से एक मांग पत्र थाना केंट पुलिस को मौके पर दिया.
मांग पत्र में कलेक्टर सागर से निम्न लिखित अनुसार मांग की गयी.
मांगे
- नियमों का उल्लंघन: स्कूल द्वारा निरंतर मध्य प्रदेश शासन के नियमों और अधिनियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसकी जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाए
- बिना कारण प्रवेश से मना करना: स्कूल में पहले से ही पढ़ रहे कुछ बच्चों को बिना किसी “कारण बताओ नोटिस” के अगली कक्षा में प्रवेश देने से मना कर दिया गया है। इसकी शिकायत पहले जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से भी की गई थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।कार्यवाही की जाय
- सत्र के पहले दिन बच्चों को बाहर निकालना: नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन कुछ बच्चों को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया था। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और नगर दंडाधिकारी (सिटी मजिस्ट्रेट) सागर को शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई,कार्यवाही की जाय
- शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना: पिछले सत्र में छोटे बच्चों को सजा के तौर पर धूप में खड़ा किया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई। यह मामला मीडिया और अखबारों में भी आया था, पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।कार्यवाही की जाय
- अवैध री-एडमिशन फीस: स्कूल द्वारा विभिन्न स्तरों पर नियम विरुद्ध तरीके से दोबारा प्रवेश शुल्क (री-एडमिशन फीस) लिया जा रहा है, जिसे तुरंत रोकने की मांग की गई है।
- फीस अधिनियम का उल्लंघन: स्कूल द्वारा मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस संबंधित विषयों का विनिमय) अधिनियम 2017 और स्कूल मान्यता संबंधी कानूनों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।
उपरोक्त सत्याग्रह के बारे में पालक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ धरणेन्द जैन, जिला अध्यक्ष रामदास राज, जिला सह सचिव भूपेंद्र राठौर,उत्कर्ष श्रीवास्तव,मोहित कुर्मी, मोनू वर्मा, चेतन,मोनू जैन, मयंक,दिनेश, लक्ष्मीकांत राज़ आदि सभी ने बताया कि यह एक सांकेतिक सत्याग्रह था जिसके द्वारा कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन को उनकी गलतियों से अवगत कराना था तथा आगाह करना था कि यदि बच्चों और उनके अभिभावकों से दुर्व्यवहार बंद नहीं किया तथा शासन के कानून, नियम के अनुसार स्कूल का संचालन नहीं किया तो आपके खिलाफ आंदोलन होगा. साथ ही कलेक्टर सागर से उपरोक्त स्कूल के खिलाफ जांच हेतु एक मांग पत्र दिया गया.











