
सागर की बेटी यामिनी मौर्य ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो का रजत पदक जीतकर बढ़ाया भारत का गौरव
सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले की होनहार बेटी यामिनी मौर्य ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की जूडो स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे सागर जिले, मध्यप्रदेश और देशभर में खुशी और गर्व का माहौल है।
यामिनी मौर्य ने कठिन मुकाबलों में शानदार तकनीक, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। रजत पदक जीतकर उन्होंने न केवल भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर बुलंद किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं अवसर मिलने पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
यामिनी की इस ऐतिहासिक सफलता पर खेल जगत, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिलेवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें शुभकामनाओं का सिलसिला लगातार जारी है।
सागर के लिए यह उपलब्धि बेहद गौरवपूर्ण मानी जा रही है। यामिनी मौर्य की सफलता जिले के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की यह कहानी आने वाली पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
देश को उम्मीद है कि यामिनी मौर्य आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्णिम सफलताएं हासिल करेंगी।











