
गौशालाओं को डीबीटी के माध्यम से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित
सागर, 21 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर व्यवस्थापन के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में संचालित 3,212 पंजीकृत गौशालाओं में 5.20 लाख से अधिक गौवंश के भरण-पोषण एवं व्यवस्थापन के लिए नियमित रूप से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण-पोषण के लिए अनुदान बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रतिदिन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए 620.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुदान वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से 109.79 करोड़ रुपये की अनुदान राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई है। इससे भुगतान में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुशासन सुनिश्चित हुआ है।
उन्होंने बताया कि सरकार गठन के बाद से प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, जिनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है। साथ ही पशुओं की बेहतर देखभाल, नस्ल सुधार और गौशालाओं के प्रभावी संचालन की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गौवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध है। गौवंश के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कानूनी प्रावधानों को और कठोर किया गया है तथा अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को राजसात किए जाने का प्रावधान भी है।
उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ समाज की सहभागिता भी जरूरी है। जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों की गौशालाओं में प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नगरीय क्षेत्रों में भी वृहद गौशालाओं के संचालन एवं निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।











