
27/8/26
सागर नगर निगम के सामान्य सम्मेलन दिनांक 24.08.26 में विषय क्रमांक-6 के तहत राजस्व वसूली का कार्य निजी संस्था के हाथों में सौंपने के जन-विरोधी प्रस्ताव के खिलाफ जिला शहर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। आज जिला शहर कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल एवं नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह बब्बू यादव व सभी कांग्रेसी पार्षदों ने पीली कोटी से पैदल मार्च करते हुए संभागीय कमिश्नर, सागर संभाग को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि नगर निगम के 48 वार्डों में पहले से ही राजस्व कर संरक्षक मौजूद हैं, फिर भी भाजपा शासित निगम निजीकरण का खेल रहा है। वहीं भवन-भूमि शाखा की लापरवाही से अवैध कॉलोनियों और नक्शा विरुद्ध निर्माण पर कार्रवाई न करने से निगम को लगभग 25 करोड़ के भूमि जुर्माने की हानि हो चुकी है।
जिला शहर कांग्रेस, अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि सागर नगर निगम को भाजपा ने लूट का अड्डा बना दिया है। जब 48 राजस्व कर संरक्षक निगम में पहले से ही मौजूद हैं तो निजी कंपनी को ठेका देने की क्या जरूरत है? यह सीधे-सीधे कर्मचारियों के पेट पर लात और पर्दे के पीछे उन पदों को रिक्त करने की साज़िश है और उनके के भविष्य पर डाका है। अगर पद रिक्त हैं तो मोहन सरकार सरकारी भर्ती क्यों नहीं करती? क्योंकि निजी हाथों में देकर कमीशनखोरी करनी है। नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालकर अंत में वसूली का डंडा आम जनता पर चलेगा। कांग्रेस इसे किसी कीमत पर नहीं होने देगी।
अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि निगम का रवैया भी कांग्रेसी पार्षदों के साथ ठीक नहीं है उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह बब्बू यादव, ने कहा कि मैंने सदन में इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया है। यह प्रस्ताव पूरी तरह से भ्रष्टाचार की बू से भरा है। भाजपा के लोग निगम को बेचना चाहते हैं। 48 वार्डों के राजस्व संरक्षकों का क्या होगा? क्या उन्हें घर बैठा दिया जाएगा? सच्चाई यह है कि निगम के अधिकारी और सत्ताधारी मिलकर राजस्व वसूली के नाम पर निजी कंपनी को देकर जनता का पैसा लुटवाना चाहते हैं।
शहर में रोजगार ना होने के कारण पुरुष मजदूरी करने निकल जाते महिलाएं घरों में अकेले रहती है ऐसे में ये वसूली करने वाले अभद्रता कर सकते हैं
हम सदन से लेकर सड़क तक इसका विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो जनता के साथ निगम का घेराव करेंगे।
पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि भवन-भूमि शाखा का हाल देख लीजिए। शहर में अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से कट रही हैं, नक्शा विरुद्ध बहुमंजिला इमारतें बन रही हैं, सिर्फ नोटिस का खेल चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर जीरो। इसी लापरवाही से निगम को 25 करोड़ का चूना लग चुका है। पहले अपने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाओ, फिर निजीकरण का ज्ञान बांटो। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है – एक तरफ अतिक्रमण को संरक्षण, दूसरी तरफ वसूली को निजी हाथों में देकर जनता को लूटना।
जिला शहर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि यह निजीकरण का प्रस्ताव 7 दिवस के भीतर वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता वार्ड-वार्ड में जन-जागरण कर उग्र आंदोलन करेंगे एवं पुतला दहन, धरना और घेराव करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
ज्ञापन का वाचन संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने किया आभार आनंद हैला ने माना
इस अवसर पर कांग्रेसीयोने जमकर नारेबाजी भी की ।
ज्ञापन सौंपने वालों में सर्व श्री अमित राम जी दुबे, मुकुल पुरोहित, सुरेंद्र सुहाने ,सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे ,चक्रेश सिंघई ,शिव शंकर गुड्डू यादव ,संदीप सबलोक ,शैलेन्द्र तोमर ,कमलेश तिवारी ,अवधेश तोमर हेमराज रजक ,वीरेंद्र राजे, नरेंद्र मिश्रा ताहिर खान ,, नीलेश अहिरवार हीरालाल चौधरी,शशि जाटव , महिला कांग्रेस अध्यक्ष किरण लता सोनी ,रेखा सोनी लीलाधर सूर्यवंशी ,प्रदीप पप्पू गुप्ता ,हीरालाल चौधरी समीर खान एडवोकेट रजनी ठाकुर ,रेखा सोनी ज्योति मलैया, रोशनी वसीम खान ,दीनदयाल तिवारी, जाहिद ठेकेदार ,नौशाद अब्बासी ,डॉक्टर दिनेश पटेरिया, अलीम भाई जान, नरेश सनकत, शैलेश अकेला, अजय लारिया, विनोद रैकवार,प्रशांत रैकवार ,चमन अंसारी, टीकाराम दीवान कुंजीलाल लड़ियां, पंकज सिंघई ,जितेंद्र रोहण सागर साहू ,उवेश खान, सुनील ठाकुर ,मयंक ठक्कर ,टीकाराम दीवान, रामशंकर सेन ,गोपी यादव, संजय अहिरवार ,प्रशांत रैकवार , खट्टू शुक्ला, कृष्ण कांत अहिरवार,शरद पुरोहित आदि बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थिति थे











