सागर पुलिस ने बंडा में नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

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11,050 खाली बोतलें, बोतल बनाने की डाई मशीनें और अन्य सामग्री जब्त; अब तक 52 आरोपी बनाए गए, 37 गिरफ्तार


सागर, 19 सितंबर 2026। सागर पुलिस ने बंडा क्षेत्र में नकली एवं अमानक शराब का निर्माण कर उसे लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में खपाने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नकली शराब की बोतल तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली डाई मशीनें, बोतल सील करने की मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें तथा 250 बोतल बनाने वाले कैप्सूल सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को बंडा थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में शराब के सेवन से लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
लाइसेंसी दुकानों की आड़ में नकली शराब खपाने की योजना
जांच में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि रवि लखेरा ने पूछताछ में मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और उसके साथी आशीष साहू के साथ नकली शराब तैयार कर शराब ठेके की आड़ में बेचने की योजना की जानकारी दी। वहीं चंदू राजा उर्फ चंद्रभान द्वारा भी शराब ठेकेदारों से संपर्क और अवैध शराब की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के मुताबिक, बंडा के ग्राम ततरवारा में नकली शराब तैयार करने के लिए खाली बोतल, ढक्कन, पैकिंग सामग्री और मशीनें पहुंचाई गई थीं। इसके बाद तैयार शराब की पेटियां लाइसेंसी दुकान की आड़ में आसपास के गांवों के कमीशन एजेंटों तक पहुंचाई जाती थीं।
मुरैना और ग्वालियर तक फैला नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने आरोपियों की निशानदेही पर ग्वालियर और मुरैना में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र से 11,050 खाली बोतलें, प्लास्टिक बोतल बनाने की डाई और अन्य कच्ची सामग्री बरामद की गई। इसके बाद ग्वालियर के राय कॉलोनी क्षेत्र में संचालित एक फैक्ट्री से 180 एमएल शराब की बोतल बनाने वाली दो डाई मशीनें भी जब्त की गईं।
जांच में शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड की सप्लाई का कनेक्शन दिल्ली तक सामने आया। पुलिस के अनुसार, दिल्ली से सागर भेजे गए पांच ड्रमों के संबंध में जांच करते हुए आरएन केमिकल फर्म के संचालक अनुपम गिरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि इन ड्रमों में औद्योगिक स्पिरिट/थिनर भेजे जाने की बात सामने आई, जिसके बाद अनुपम गिरी को गिरफ्तार किया गया।
अब तक 52 आरोपी, 37 गिरफ्तार
सागर पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 52 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में इस नेटवर्क की गतिविधियों के अन्य जिलों में भी सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है और आरोपियों के पुराने संपर्कों तथा साझेदारों की जानकारी जुटाई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में मुरैना, ग्वालियर, कानपुर और अन्य क्षेत्रों के लोग
पुलिस द्वारा जारी सूची में ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिंकू उर्फ सुरेंद्र जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव, राजू सेंगर, पंकज राय, अनुपम गिरी और रोहित पटेल के नाम शामिल हैं।

बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त
पुलिस ने कार्रवाई में 180 एमएल शराब की बोतल तैयार करने वाली प्लास्टिक डाई मशीनें, 11,050 खाली बोतलें, 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल, 900 प्लास्टिक बोतलें और शराब की बोतल सील करने वाली मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा पूर्व में की गई अवैध गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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