जहरीली शराब कांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प; वाटर कैनन से पुतला बुझाने की कोशिश नाकाम

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बरसते पानी में गरजे शिवसैनिक, आबकारी मंत्री का फूंका पुतला

सागर। बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सोमवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बारिश के बीच शिवसैनिकों ने आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिवसैनिकों के बीच पुतले को लेकर झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन शिवसैनिकों ने दूसरा पुतला निकालकर उसका दहन कर दिया।
बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा में बना हुआ है। शुरुआती दिनों में मौतों की अलग-अलग संख्या सामने आई थी और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है। �
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पुलिस ने छीना पुतला, शिवसैनिकों ने दूसरा पुतला जलाया
शिवसैनिक जब आबकारी मंत्री का पुतला जलाने का प्रयास कर रहे थे, तभी मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने पुतला छीन लिया। इसके बाद शिवसैनिकों ने दूसरा पुतला निकालकर उसका दहन कर दिया। तेज बारिश के बावजूद कार्यकर्ता प्रदर्शन पर डटे रहे। पुलिस द्वारा वाटर कैनन से पुतला बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने विरोध जारी रखा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। उनका कहना था कि यदि समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान नहीं जाती। उन्होंने आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा कि बंडा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा मिलने के लिए मौतों का वास्तविक आंकड़ा स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
जिला प्रमुख दीपक सिंह लोधी ने रानीपुरा में पकड़ी गई ब्रांडेड शराब के संबंध में सवाल उठाते हुए कहा कि शराब के स्रोत और उससे जुड़े लोगों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना द्वारा पिछले दो वर्षों से अवैध और जहरीली शराब के संबंध में शिकायतें की जाती रही हैं।
प्रदेश संगठक मनी सिंह गुरेन ने आरोप लगाया कि बंडा की घटना प्रशासनिक लापरवाही और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
बड़ी संख्या में शिवसैनिक रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान हेमराज आलू, शिवशंकर दुबे, धर्मेंद्र दुबे, सचिन जैन, अनूप पटैरिया, अमर यादव, नंदकिशोर नामदेव, बसंत भदोरिया, ज्ञानी विश्वकर्मा, शशांक रावत, हनी यादव, डोलु शुक्ला, अजय बुंदेला, रवि राज, मोहित विश्वकर्मा, गंधर्व, कपिल, गौरव बड़कुल, सचिन साहू, सत्यम अहिरवार, अतुल तिवारी, राहुल राय, कपिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे।
नोट: प्रदर्शनकारियों द्वारा मौतों की संख्या 50 से अधिक बताए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है, इसलिए खबर में इसे शिवसेना नेताओं के आरोप के रूप में ही रखा गया है। हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका भी पहुंच चुकी है। �
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