सागर की आबोहवा सुधारने कलेक्टर सख्त, पराली जलाने और खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध

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निर्माण सामग्री को ग्रीन नेट से ढकना होगा अनिवार्य, सड़कों की होगी मशीनों से सफाई, वाहनों की फिटनेस जांच के भी निर्देश

सागर। शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पीएम-10 प्रदूषण को नियंत्रित करने, सड़क की धूल कम करने और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशनों की स्थिति और प्रदूषण के प्रमुख कारणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

निर्माण सामग्री को ग्रीन नेट से ढकना अनिवार्य

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों और सड़कों व रिहायशी क्षेत्रों के किनारे रखी रेत, बजरी, सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री को अनिवार्य रूप से ग्रीन नेट से ढका जाए, ताकि हवा में धूल न फैले। सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से नियमित यांत्रिक सफाई और पानी के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

पराली और खुले में कचरा जलाने पर सख्ती

प्रदूषण नियंत्रण के लिए खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

वाहनों की फिटनेस जांच, ईवी को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सड़कों पर चलने वाले वाहनों की नियमित फिटनेस जांच करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया, जिससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।

हरियाली बढ़ाने और जनजागरूकता पर जोर

कलेक्टर ने सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित करने, बड़े स्तर पर पौधरोपण करने और शहर के हरित क्षेत्र का विस्तार करने के निर्देश दिए। आम नागरिकों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने को भी कहा।

बैठक में सड़क धूल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात सुधार और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) के उचित निष्पादन को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई।

कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा प्राथमिकता का विषय है। इसलिए सभी विभाग निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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