
कन्या छात्रावास में अधीक्षक के पति के रहने और बालक छात्रावास अधीक्षक के रात में अनुपस्थित रहने का मामला, कलेक्टर ने मांगी जांच रिपोर्ट
महाराजपुर। सागर कलेक्टर के निर्देश पर मंगलवार को महाराजपुर नायब तहसीलदार चंद्रवान दीवान ने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास एवं राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सीनियर बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों छात्रावासों की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। मामले में नायब तहसीलदार द्वारा पंचनामा तैयार कर देवरी एसडीएम को सौंप दिया गया है, जबकि अब एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
कन्या छात्रावास में पुरुष के रहने का मामला सामने आया
निरीक्षण के दौरान कन्या छात्रावास की अधीक्षक ममता चौरसिया के पति राजेंद्र चौरसिया के छात्रावास परिसर में रहने की बात सामने आई। इस संबंध में अधीक्षक ने नायब तहसीलदार के समक्ष बताया कि बीमारी के कारण उन्हें कभी-कभी सागर जाना पड़ता है और वह छात्रावास में अपने पति के साथ रहती हैं।
वहीं, छात्रावास के आसपास रहने वाले लोगों तथा कुछ अभिभावकों द्वारा भी अधीक्षक के पति के करीब एक-दो महीने से छात्रावास परिसर में रहने की बात बताई गई है। अभिभावकों का कहना है कि कन्या छात्रावास में पुरुषों का रहना नियमों के विपरीत है। ऐसे में छात्रावास में रहने वाली बच्चियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
रात में बालक छात्रावास में नहीं रहते अधीक्षक!
दूसरी ओर राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सीनियर बालक छात्रावास के अधीक्षक संदीप जैन निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए। छात्रावास में मौजूद बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि अधीक्षक रात्रि के समय छात्रावास में नहीं रहते और बीना स्थित अपने निवास पर चले जाते हैं।
यदि निरीक्षण के दौरान सामने आई यह जानकारी सही पाई जाती है तो यह भी छात्रावास संचालन एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है, क्योंकि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी अधीक्षक की होती है।
पंचनामा एसडीएम को सौंपा, अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
नायब तहसीलदार चंद्रवान दीवान ने बताया कि उनके द्वारा छात्रावासों के निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं का पंचनामा तैयार किया गया था, जिसे शुक्रवार को देवरी एसडीएम मुनव्वर खान को सौंप दिया गया है।
वहीं देवरी एसडीएम मुनव्वर खान ने बताया कि छात्रावासों में अनियमितताओं से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई है। नायब तहसीलदार द्वारा तैयार पंचनामा प्राप्त होने के बाद जांच प्रतिवेदन तैयार कर कार्रवाई के लिए सागर कलेक्टर को भेजा जाएगा।
दोनों अधीक्षकों को जारी हुए नोटिस
सागर जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि संबंधित दोनों छात्रावास अधीक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि कन्या छात्रावास में पुरुष का रहना वर्जित है। इसके बावजूद महिला अधीक्षक के पति के छात्रावास में रहने की बात सामने आई है तो यह नियमों के विपरीत है। ऐसी स्थिति पाए जाने पर निलंबन जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
सहायक आयुक्त के अनुसार बालक छात्रावास के अधीक्षक के रात्रि में छात्रावास में मौजूद नहीं रहने की जानकारी भी सामने आई है। बच्चों की सुरक्षा अधीक्षक की जिम्मेदारी है और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो शासन के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों अधीक्षकों से नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है।
कलेक्टर ने कहा- जांच रिपोर्ट आते ही होगी सख्त कार्रवाई
सागर कलेक्टर ने महाराजपुर के कन्या एवं बालक छात्रावासों में अनियमितताओं का मामला सामने आने की पुष्टि करते हुए बताया कि देवरी एसडीएम से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
छात्रावासों में सामने आई अनियमितताओं के बाद महाराजपुर में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि छात्रावासों में दूर-दराज से आकर बच्चे और बच्चियां रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर दोनों अधीक्षकों की अधिकारियों से कथित नजदीकी और प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं होने की बात सामने आ रही है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें देवरी एसडीएम की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर सागर जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
अभिभावकों की मांग है कि जांच निष्पक्ष रूप से कराई जाए और यदि निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं जांच में सही पाई जाती हैं तो छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।







