किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, 665 बोरी यूरिया सहित टीएसपी व एनपीके मिला
देवरी नगर के सहजपुर तिराहा स्थित निजी मकान में कृषि विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई
देवरीकला। सागर जिले की देवरी में किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने चिरचिटा-देवगुवा रोड स्थित एक किराए के मकान में उर्वरक के अवैध भंडारण की शिकायत पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान मकान में बड़ी मात्रा में यूरिया, टीएसपी और एनपीके खाद का भंडारण पाया गया। विभाग ने निर्धारित लाइसेंस स्थल के अलावा अन्य स्थान पर उर्वरक रखे जाने पर मौके पर भंडारित खाद को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार किसानों ने शिकायत की थी कि चिरचिटा-देवगुवा रोड स्थित एक मकान में खाद का भंडारण कर उसका विक्रय किया जा रहा है। शिकायत के बाद कृषि विभाग की टीम राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मकान का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मकान मालिक रामगोपाल बडेरिया ने बताया कि उन्होंने मकान किराए पर दिया है और उन्हें मकान में खाद का भंडारण किए जाने की जानकारी नहीं थी। मकान हर्षित जैन को किराए पर दिया गया था। मौके पर हर्षित जैन की मौजूदगी में मकान का ताला खुलवाकर टीम ने अंदर रखे उर्वरक की जांच की।
665 बोरी यूरिया सहित टीएसपी और एनपीके मिला
जांच के दौरान मकान के अंदर कोरमंडल इंटरनेशनल कंपनी की 665 बोरी यूरिया, प्रत्येक बोरी 45 किलोग्राम, आईपीएल कंपनी की 7 बोरी टीएसपी तथा कोरमंडल इंटरनेशनल कंपनी की 8 बोरी एनपीके 20:20:0:13 का भंडारण पाया गया। टीम ने मौके से यूरिया, टीएसपी और एनपीके के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
लाइसेंस में दर्ज स्थान से अलग मिला भंडारण
जांच में सामने आया कि हर्षित जैन के उर्वरक लाइसेंस के साथ संलग्न नक्शे में जिस स्थान को भंडारण के लिए दर्शाया गया है, उसके अलावा दूसरे स्थान पर खाद रखी गई थी। पूछताछ में प्रोपराइटर हर्षित जैन ने बताया कि खाद की मात्रा अधिक होने के कारण अतिरिक्त खाद को दूसरे स्थान पर रखा गया था।
अधिकारी बोले- नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि मौके पर रखे यूरिया को फिलहाल सील कर दिया गया है। संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि मौके से उर्वरक के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
कृषि विभाग के अनुसार उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश (FCO), 1985 के प्रावधानों के तहत लाइसेंस में सत्यापित एवं निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थान पर उर्वरक का भंडारण करना नियमों का उल्लंघन है। इसी के तहत मौके पर भंडारित उर्वरक को सील करने की कार्रवाई की गई।
विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित उर्वरक के दस्तावेज, लाइसेंस एवं नमूनों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।







