सागर, 27अक्टूबर 2026
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज , सागर के ओपीडी ब्लॉक में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे से शाम 4 बजे तक एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर बीएमसी ब्लड बैंक एवं जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 52 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
इस प्रेरणादायी शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के माननीय अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर द्वारा किया गया। शिविर में चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स, अंडरग्रेजुएट मेडिकल विद्यार्थियों, इंटर्न्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मेडिकलकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से महिला पीजी चिकित्सकों और नर्सों ने आगे आकर स्वयं रक्तदान किया और समाज के सामने एक मिसाल कायम की।
अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि जब स्वयं चिकित्सक, जो स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ और समाज में स्वास्थ्य के प्रति सबसे अधिक जागरूक माने जाते हैं, वे आगे आकर रक्तदान करते हैं, तो इससे समाज में एक अत्यंत सकारात्मक संदेश जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि रक्तदान से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती और न ही इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। चिकित्सकों के इस कदम से मरीजों के परिजन, रिश्तेदार और आम नागरिक भी प्रेरित होते हैं और जरूरत पड़ने पर स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आते हैं।
पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. अमर गंगवानी ने रक्तदान के तकनीकी और जीवनरक्षक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया, एक यूनिट रक्तदान से तीन अलग-अलग मरीजों की जान बचाई जा सकती है। दान किए गए रक्त से पैक्ड रेड ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स एवं फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा जैसे तीन महत्वपूर्ण घटक तैयार किए जाते हैं। पैक्ड रेड ब्लड सेल्स थैलेसीमिया और गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनदान साबित होते हैं। वहीं, प्लेटलेट्स की कमी से जूझ रहे मरीजों को प्लेटलेट्स दिए जाते हैं, जबकि एफएफपी का उपयोग रक्त का थक्का जमने से जुड़ी विकृतियों और अन्य आपातकालीन चिकित्सकीय स्थितियों में किया जाता है।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि बीएमसी प्रशासन और ब्लड बैंक द्वारा समय-समय पर इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि बीएमसी न केवल चिकित्सा शिक्षा और उपचार के क्षेत्र में अग्रणी है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय जिम्मेदारियों को निभाने में भी हमेशा सबसे आगे रहता है। अस्पताल प्रबंधन भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी शिविरों के निरंतर आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है।
JDA अध्यक्ष डॉ. व्योम कृष्ण तिवारी, उपाध्यक्ष डॉ. भारती पवार एवं महासचिव डॉ. आकाश कराले ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।शिविर में बीएमसी के डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल स्टूडेंट्स ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। बीएमसी प्रबंधन ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाली ब्लड बैंक की पूरी टीम, सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों, नर्सिंग स्टाफ और जे डी ए की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है।








