भाजपा के वरिष्ठ नेता को थाने लाने पर भड़के कार्यकर्ता, विधायक बृज बिहारी पटेरिया पहुंचे थाना; बंद कमरे में हुई अधिकारियों से चर्चा, पुलिस ने कार्रवाई को लेकर नहीं किया खुलासा
देवरी कलां। दीपावली के मद्देनजर देवरी नगर में अवैध आतिशबाजी एवं पटाखों के भंडारण के खिलाफ मंगलवार शाम पुलिस प्रशासन ने सर्चिंग अभियान चलाते हुए पटाखा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर दबिश दी। इस दौरान बिना लाइसेंस के रखी आतिशबाजी सामग्री मिलने पर पुलिस द्वारा कुछ स्थानों से पटाखे जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक जब्त सामग्री की मात्रा और संबंधित दुकानदारों के नामों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया।
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कुछ पटाखा व्यापारियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। इनमें भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का नाम भी सामने आने के बाद मामला अचानक राजनीतिक रूप लेने लगा। नेता को थाने लाए जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पुलिस थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की।
मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया भी शाम करीब 6 बजे देवरी थाने पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद थाने के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ भाजपा नेता को थाने लाए जाने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद थाना प्रभारी कपिल लक्ष्यकार और एसडीओपी के साथ विधायक की बंद कमरे में चर्चा हुई। इस दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। वहीं चर्चा के बाद एक पटाखा व्यापारी को पुलिस वाहन से घर छोड़े जाने की बात भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे।
मीडिया द्वारा विधायक बृज बिहारी पटेरिया से मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने थाने में बाइट देने से इनकार करते हुए बाहर आकर बात करने की बात कही।
वहीं थाना प्रभारी कपिल लक्ष्यकार से जब कार्रवाई की विस्तृत जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि अवैध पटाखा एवं आतिशबाजी के भंडारण को लेकर पुलिस द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। अवैध पटाखा दुकानों की चेकिंग के दौरान कुछ स्थानों पर पटाखे पाए गए हैं। मामले में जांच एवं आगे की कार्रवाई जारी है, कार्रवाई पूरी होने के बाद जानकारी दी जाएगी।
कार्रवाई पर उठे सवाल, पुलिस की चुप्पी बरकरार
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस ने कितनी दुकानों पर कार्रवाई की, कितनी आतिशबाजी सामग्री जब्त की और कितने व्यापारियों को थाने लाया गया? समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया था।
थाना प्रभारी कपिल लक्ष्यकार के नेतृत्व में पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन पटाखा कारोबार पर कार्रवाई के बीच राजनीतिक हस्तक्षेप और विधायक के थाने पहुंचने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन अवैध पटाखा भंडारण के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाता है या राजनीतिक घटनाक्रम का इस कार्रवाई पर कोई असर पड़ता है।







