गांधी जयंती पर विश्वविद्यालय में “गांधी और स्वच्छता का दर्शन” विषय पर व्याख्यान आयोजित

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विचार शुचिता से हो राष्ट्र निर्माण: प्रो. नागेश दुबे, कुलपति

स्वच्छता अहिंसक समाज की पहचान : डॉ. अनिल तिवारी

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती को “स्वच्छता ही सेवा” एवं स्पेशल कैंपेन 6.0 के अंतर्गत गांधी जी के प्रिय भजन एवं व्याख्यान कार्यक्रम के माध्यम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं उनके प्रिय भजनों की प्रस्तुति के साथ हुआ। गांधीजी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति संगीत विभाग के विद्यार्थियों द्वारा की गई।

कार्यक्रम के संयोजक एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के नोडल अधिकारी एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डी. के. नेमा ने स्वागत भाषण में बताया कि विश्वविद्यालय में 17 सितम्बर से 31 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न चरणों में स्वच्छता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गांधी जयंती के अवसर पर उनके भजनों और व्याख्यान का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने गांधी के स्वच्छता दर्शन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने गांधी जी के जीवन-दर्शन में स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी के लिए स्वच्छता केवल बाहरी सफाई नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और सामाजिक सेवा का माध्यम थी। स्वच्छता एक सभ्यता मूलक मूल्य है जिसे सामूहिकता से प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. सत्य प्रकाश उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि परिसर की स्वच्छता से राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतिष्ठान होता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने गांधी जी के विचारों को आत्मसात कर स्वच्छ एवं हरित परिसर के निर्माण में सभी से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने गांधीजी के जीवन के अनुभवों और उदाहरणों के माध्यम से उनके स्वच्छता संबंधी कार्यों और संकल्प को प्रतिपादित किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षण विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के स्वयंसेवकों और कैडेटों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की सफलता में स्वच्छता हिब्सेवा अभियान के नोडल अधिकारी प्रो डी. के. नेमा का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पित सहयोग एवं कुशल समन्वय के कारण आयोजन की सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संपन्न हो सकीं। इसके साथ ही एनएसएस एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के सदस्यों की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवानी मीना के द्वारा किया गया।
अंत में आभार प्रदर्शन के साथ सभी ने स्वच्छ परिसर एवं समृद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

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