सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी कार्रवाई: 12 पटवारी निलंबित, 137 को शो-कॉज नोटिस; सरकारी योजनाओं में लापरवाही पर प्रशासन सख्त

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सागर, 8 अक्टूबर 2026।

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के मामले में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में उदासीनता और कार्यों में लापरवाही के आरोपों के चलते जिले के 12 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में लापरवाही पर कार्रवाई

शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाएं किसानों और आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कार्यों में देरी और प्रकरण लंबित रहने से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी होती है।

प्रशासनिक समीक्षा बैठकों और मैदानी स्तर पर सामने आई कमियों के आधार पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने संबंधित पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

इन क्षेत्रों के पटवारियों पर गिरी गाज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, निलंबन की कार्रवाई सागर ग्रामीण, गढ़ाकोटा, केसली, खुरई, मालथौन, बांदरी, बंडा और रहली तहसीलों से संबंधित पटवारियों पर की गई है।

जारी विवरण में मीना खैरवार, लक्ष्मी जाटव, अखिलेश दीक्षित, राजकुमार गौड़, भूपेन्द्र राज, अजय श्रीवास्तव, गोविन्द राय, पुष्पेन्द्र भदौरिया, महेन्द्र अर्गल, योगेन्द्र प्रताप, दिलीप राजा, अभिषेक कोरी और ब्रजेंद्र रावत के नाम शामिल हैं। उपलब्ध विवरण में कुल 12 पटवारियों को निलंबित किए जाने की बात कही गई है, हालांकि नामों की सूची में 13 नाम दर्ज हैं। इसलिए आधिकारिक आदेश से नामों और संख्या का मिलान किया जाना आवश्यक है।

137 पटवारियों से मांगा गया जवाब

निलंबन के अलावा 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे कार्यों में लापरवाही और योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आई कमियों के संबंध में जवाब मांगा गया है। नोटिस के बाद संबंधित कर्मचारियों के जवाब और प्रशासनिक परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

कलेक्टर का स्पष्ट संदेश—जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी को रोकना है।

सागर जिले में की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब संबंधित पटवारियों के जवाब और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

भारत न्यूज़ 24 live.com

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