सागर के राहतगढ़ में बिजली व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, 23 साल पुराने ट्रांसफार्मर को एमपी ट्रांसको ने किया पुनर्स्थापित

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40 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत, सबस्टेशन की क्षमता 40 से बढ़कर 80 एमवीए हुई


सागर, 11 अक्टूबर 2026। आगामी रबी सीजन में बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने सागर जिले के राहतगढ़ स्थित 132/33 केवी सबस्टेशन में 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। इसके साथ ही सबस्टेशन की कुल स्थापित क्षमता 40 एमवीए से बढ़कर 80 एमवीए हो गई है। इस पहल से विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ट्रांसफार्मर के रखरखाव या तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
23 साल पुराने ट्रांसफार्मर को दिया नया जीवन
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको के अभियंताओं और तकनीकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि लगभग 23 वर्ष पुराने पावर ट्रांसफार्मर की इन-हाउस रिकंडीशनिंग कर उसे दोबारा उपयोग में लाना अभियंताओं के तकनीकी कौशल और अनुभव का प्रमाण है। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए पारेषण व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
अब राहतगढ़ सबस्टेशन में दो ट्रांसफार्मर
राहतगढ़ सबस्टेशन में पहले 40 एमवीए क्षमता का केवल एक पावर ट्रांसफार्मर स्थापित था। अब अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद यहां दो ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो गए हैं। इससे सबस्टेशन की कुल क्षमता दोगुनी हो गई है।
नई व्यवस्था से आगामी रबी सीजन में बढ़ने वाली बिजली की मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, किसी एक ट्रांसफार्मर के रखरखाव या तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित होने की स्थिति में दूसरे ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जा सकेगा, जिससे विद्युत आपूर्ति के प्रबंधन में सुविधा होगी।
जबलपुर और मैहर में भी दे चुका है सेवाएं
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम. वाय. मंसूरी के अनुसार, राहतगढ़ में स्थापित किया गया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगभग 23 वर्ष पुराना है। इससे पहले यह मनसकरा, जबलपुर और अमरपाटन, मैहर में अपनी सेवाएं दे चुका है।
ट्रांसफार्मर को दोबारा उपयोग के योग्य बनाने के लिए कंपनी ने अपने स्तर पर रिकंडीशनिंग की। इस दौरान गास्केट बदले गए, विभिन्न स्थानों से हो रहे तेल के रिसाव को दूर किया गया और निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार ट्रांसफार्मर का वैक्यूम किया गया। इसके अलावा इंसुलेटिंग ऑयल बदला गया तथा तेल और इंसुलेशन से संबंधित आवश्यक तकनीकी मानकों की जांच की गई।
प्रोटेक्शन सिस्टम की जांच और कैलिब्रेशन
ट्रांसफार्मर के सुरक्षित एवं विश्वसनीय संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उससे जुड़े प्रोटेक्शन डिवाइस और सहायक उपकरणों की भी जांच की गई। तकनीकी आवश्यकता के अनुसार कुछ उपकरण बदले गए, जबकि उपयोग योग्य उपकरणों की सर्विसिंग और री-कैलिब्रेशन किया गया। निर्धारित सेटिंग्स का सत्यापन करने के बाद आवश्यक परीक्षण पूरे किए गए।
सभी आवश्यक परीक्षणों में तकनीकी मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ट्रांसफार्मर को राहतगढ़ सबस्टेशन में स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया।
अभियंताओं और तकनीकी टीम का रहा योगदान
ट्रांसफार्मर की रिकंडीशनिंग, परीक्षण और ऊर्जीकरण के कार्य में अधीक्षण अभियंता कमलकांत अहीरवार, कार्यपालन अभियंता संजय जैन एवं अर्चित श्रीवास्तव सहित अन्य अभियंताओं, तकनीकी अधिकारियों तथा टेस्टिंग और मेंटेनेंस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
एमपी ट्रांसको की इस पहल से राहतगढ़ सबस्टेशन की स्थापित क्षमता में वृद्धि हुई है। साथ ही, पुराने उपकरण को तकनीकी सुधार के बाद दोबारा उपयोग में लाकर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने का उदाहरण भी सामने आया है।
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