बच्चों की कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी, आधार अपडेट कराने के निर्देश; पोषण आहार की गुणवत्ता भी जांची
सागर, 16 अक्टूबर 2026। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने खुरई परियोजना के शहरी सेक्टर क्रमांक-2 अंतर्गत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पोषण की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता और केंद्र में संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बच्चों की कम उपस्थिति पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम खुरई सतीश वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र के खुलने और बंद होने के समय की जानकारी ली तथा कार्यकर्ता से केंद्र में पंजीकृत बच्चों की संख्या और उनकी उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
कम वजन वाले बच्चों की नियमित निगरानी के निर्देश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बच्चों का वजन कराया और वजन संबंधी रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने पोषण ट्रैकर के माध्यम से वजन की रीडिंग देखी तथा गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों (एसएएम/एमएएम) की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि कम वजन वाले और कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी की जाए। आवश्यकता के अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराकर उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
बच्चों से सुनी कविता, भोजन की गुणवत्ता जांची
कलेक्टर ने केंद्र में उपस्थित बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और उनसे कविता सुनी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बच्चों को दी जा रही प्रारंभिक शिक्षा और केंद्र में आयोजित गतिविधियों की जानकारी भी ली।
उन्होंने बच्चों को वितरित किए जाने वाले ताजा पके भोजन तथा टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता की जांच की। केंद्र पर उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर उन्हें मिलने वाली पोषण सामग्री के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
आधार अपडेट कराने और पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देशित किया कि सभी बच्चों का आधार विवरण पोर्टल पर अपडेट कराया जाए, ताकि कोई भी बच्चा पोषण आहार एवं अन्य निर्धारित सुविधाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास भरत सिंह राजपूत को टीएचआर वितरण व्यवस्था को अधिक सटीक और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पोषण वाटिका विकसित करने तथा उसमें मुनगा के पौधे लगाने के लिए भी कहा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, नियमित उपस्थिति और पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।







