बीएमओ के आदेश पर ड्यूटी लगाने के बावजूद ड्रेसिंग रूम में नहीं मिला कर्मचारी, घायलों की मरहम-पट्टी को लेकर उठे सवाल
देवरीकलां (सागर)। सागर जिले के देवरी स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच ड्रेसिंग रूम की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में शासकीय कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारी भी पदस्थ हैं, इसके बावजूद ड्रेसिंग रूम में घायलों की मरहम-पट्टी करने के लिए कर्मचारी मौजूद नहीं होने की स्थिति सामने आई। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारण पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ डॉ. पूजा परमार के आदेश पर कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। बताया गया कि कर्मचारी दीपक रैकवार की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई गई है। वहीं, ड्रेसिंग रूम में घायलों की मरहम-पट्टी के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को आवश्यक सुविधा मिलने में परेशानी होने की आशंका बनी हुई है।
फोन पर बीएमओ ने कर्मचारी को ड्रेसिंग करने के दिए निर्देश
ड्रेसिंग रूम में कर्मचारी की अनुपस्थिति की जानकारी लेने पर अन्य कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में ड्यूटी बीएमओ के आदेश के अनुसार लगाई गई है। इसके बाद जब बीएमओ डॉ. पूजा परमार से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी गई, तो उन्होंने दीपक रैकवार से ड्रेसिंग कराने के लिए कहा। बताया गया कि बीएमओ ने फोन पर दीपक रैकवार को भी निर्देश दिए।
हालांकि, दीपक रैकवार ने अपनी ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में होने की बात कहते हुए बताया कि उनकी ड्यूटी लगातार छह दिनों के लिए इमरजेंसी वार्ड में निर्धारित की गई है। उनके अनुसार, ड्रेसिंग रूम में किसी अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है, ऐसे में उनके लिए दोनों जगह की जिम्मेदारी संभालना संभव नहीं है।
जब कर्मचारी उपलब्ध हैं, तो ड्रेसिंग रूम खाली क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित शासकीय कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारी भी कार्यरत हैं, तो ड्रेसिंग रूम में घायलों की मरहम-पट्टी के लिए कर्मचारी की उपलब्धता सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही है? क्या ड्यूटी चार्ट तैयार करते समय इमरजेंसी वार्ड और ड्रेसिंग रूम की जरूरतों का ध्यान रखा गया है? यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी पहले से ही इमरजेंसी वार्ड में निर्धारित है, तो ड्रेसिंग रूम की व्यवस्था के लिए वैकल्पिक कर्मचारी की तैनाती क्यों नहीं की गई?
अस्पताल में आने वाले घायल मरीजों के लिए समय पर मरहम-पट्टी और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है। ऐसे में ड्यूटी निर्धारण में समन्वय की कमी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
व्यवस्था में सुधार की जरूरत
अब देखना होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन ड्रेसिंग रूम में नियमित कर्मचारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। साथ ही, क्या ड्यूटी व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर इमरजेंसी वार्ड और ड्रेसिंग रूम में अलग-अलग कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मरीजों को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े।
जनहित का सवाल: सरकारी अस्पताल में कर्मचारी होने के बावजूद यदि घायल मरीजों को समय पर मरहम-पट्टी की सुविधा नहीं मिलती है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन को इस दिशा में व्यवस्था स्पष्ट करने की जरूरत है।
इनका कहना है कि
फरजाना खान नर्स ने बताया कि 17 से 24 तारीख तक इमरजेंसी वार्ड में दीपक रैकवार की ड्यूटी लगाई गई है वे इमरजेंसी में ही बैठते हैं पट्टी करने के लिए अलग से कर्मचारी की व्यवस्था होती है नर्स ने बताया कि पट्टी कराने आने वाले मरीज परेशान होकर यहां पहुंच रहे हैं जबकि कर्मचारी को दोनों जगह का काम देखना पड़ रहा है जबकि ड्रेसिंग रूम में अलग से कर्मचारियों की व्यवस्था होनी चाहिए
फरजाना खान नर्स देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
वही पिपरिया गोसाईं के निवासी गजराज सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे सोनू की पट्टी करवाने के लिए देवरी शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे उनके बेटे को सीमेंट से संबंधित इन्फेक्शन की समस्या थी उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज आधे घंटे से अधिक समय तक ड्रेसिंग रूम में पट्टी करवाने के लिए इंतजार करता रहा लेकिन ड्रेसिंग करने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं था अस्पताल में केवल सफाई का काम चल रहा था जबकि मरीज पट्टी करवाने के लिए परेशान होते रहे
गजराज सिंह ने बताया कि वह पिपरिया गोसाईं के निवासी हैं और अपने बेटे का उपचार कराने अस्पताल पहुंचे
तो वहीं पूरे मामले को लेकर दीपक रैकवार से बात की गई तो दीपक रैकवार ने बताया कि मेरी ड्यूटी बीएमओ पूजा परमार मैडम ने इमरजेंसी में सिस्टर परमार खान के साथ मेरी ड्यूटी लगाई गई है ड्रेसिंग रूम में किसी अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी है मगर वह कर्मचारी मौजूद नहीं है इसकी जवाबदारी मेरी नहीं है क्योंकि मेरी 6 से 7 दिन इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी रहेगी ड्रेसिंग रूम में अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है
दीपक रैकवार देवरी समुदाय स्वास्थ्य केंद्र







