बीज प्रमाणीकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बायो फर्टिलाइजर के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश
उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने, किसानों को फार्मगेट ऐप से जोड़ने और एमएसएमई पंजीयन पर भी जोर
सागर, 21 अक्टूबर 2026।
रबी सीजन में किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, बीज प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कमिश्नर सागर संभाग दिलीप कुमार ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संभाग में कहीं भी खाद की कमी नहीं होनी चाहिए और किसानों को मांग के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए।
कमिश्नर दिलीप कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में सहकारिता, उद्यानिकी, एमपी एग्रो, बीज निगम, कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद-बीज की उपलब्धता, अल्पावधि ऋण वितरण, वेयर हाउस की भंडारण क्षमता और विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
डबल लॉक केंद्रों और सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद रखने के निर्देश
बैठक में रबी फसलों के लिए खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी डबल लॉक केंद्रों पर मांग के अनुरूप खाद का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। डबल लॉक केंद्रों और सहकारी समितियों से वितरित खाद की मात्रा तथा वर्तमान उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था पारदर्शी और सुचारू रहनी चाहिए, ताकि किसानों को बुवाई के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों को समय पर मिले अल्पावधि ऋण
कमिश्नर ने अल्पावधि कृषि ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए सहकारिता विभाग को बैंकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने डिफॉल्टर सहकारी समितियों की सूची तैयार कर नियमानुसार आगामी कार्रवाई करने को भी कहा, ताकि सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने पर जोर
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने उद्यानिकी फसलों के रकबे में वृद्धि करने और अधिक से अधिक किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने से उनकी आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
इसके साथ ही जिले में संचालित छोटी निर्माण इकाइयों का एमएसएमई के अंतर्गत पंजीयन कराने पर जोर दिया, ताकि संबंधित इकाइयां शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
फार्मगेट ऐप से घर बैठे फसल बेच सकेंगे किसान
कमिश्नर ने किसानों को राज्य सरकार के फार्मगेट ऐप से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह मध्यप्रदेश सरकार का निःशुल्क एंड्रॉयड ऐप है, जिसके माध्यम से किसान बिना मंडी जाए अपनी कृषि उपज को घर, खलिहान या गोदाम से पंजीकृत व्यापारियों को बेच सकते हैं।
इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और कृषि उपज के विपणन को सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।
वेयर हाउस की रिक्त क्षमता का करें उपयोग
बैठक में संभाग के शासकीय एवं अशासकीय वेयर हाउसों की संख्या, उनकी कुल भंडारण क्षमता और वर्तमान में उपलब्ध रिक्त क्षमता की जानकारी ली गई। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि वेयर हाउसों में उपलब्ध खाली क्षमता का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे भंडारण व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके।
बीज प्रमाणीकरण में लापरवाही पर सख्त रुख
बीज प्रमाणीकरण की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीज निगम को संभाग में अपने डेड स्टॉक की जानकारी एकत्र कर उसकी जांच करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही तरल आधारित बायो फर्टिलाइजर की बिक्री बढ़ाने तथा किसानों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उद्देश्य कृषि में जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करना और किसानों को इनके प्रति जागरूक बनाना है।
बैठक में सहकारिता, उद्यानिकी, एमपी एग्रो, बीज निगम, कृषि विभाग, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन, मंडी बोर्ड सहित संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
लोकेशन – सागर, मध्यप्रदेश।
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