गौरझामर में कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश, अस्पताल सील करने की तैयारी

SHARE:

सीएमएचओ देवेश पटेरिया बोले—बीएमओ को दिए निर्देश, नियमों का उल्लंघन मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई; टीके विश्वास और अश्वनी मजूमदार के अस्पतालों का मामला चर्चा में

देवरी/गौरझामर। सागर जिले की देवरी तहसील के गौरझामर में कथित झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अस्पताल संचालित कर मरीजों का इलाज किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सागर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) देवेश पटेरिया ने संबंधित अस्पतालों को सील करने और कथित अवैध अस्पतालों को बंद कराने के निर्देश बीएमओ देवरी को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि मामले की पूरी जानकारी उनके संज्ञान में है और जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ देवेश पटेरिया के अनुसार, उन्होंने बीएमओ देवरी को निर्देशित किया है कि गौरझामर में डॉक्टर टीके विश्वास एवं डॉक्टर अश्वनी मजूमदार के अस्पतालों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि बुधवार को निरीक्षण किया गया है और इसके बावजूद अस्पतालों को सील करने जैसी कार्रवाई नहीं हुई है, तो वह पूरे मामले को विशेष रूप से देखेंगे तथा बीएमओ से चर्चा करेंगे।
बीएमओ ने जारी किया सात दिन का नोटिस
जानकारी के अनुसार, बुधवार को शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी की बीएमओ डॉ. पूजा परमार ने गौरझामर पहुंचकर संबंधित अस्पतालों का निरीक्षण किया। बताया गया कि निरीक्षण के दौरान डॉक्टर टीके विश्वास और डॉक्टर अश्वनी मजूमदार अपने-अपने अस्पतालों में मौजूद नहीं मिले। इसके बाद दोनों को सात दिवस का नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद भी अस्पतालों को सील किए जाने की कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर अब स्थानीय लोगों और पत्रकारों की नजरें टिकी हुई हैं।
बीएमओ के संरक्षण में अस्पताल चलाने का दावा गलत: सीएमएचओ
सीएमएचओ देवेश पटेरिया ने कथित तौर पर बीएमओ के संरक्षण में अस्पताल चलाने संबंधी दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी अस्पताल को खोलने या संचालित करने की अनुमति देने का अधिकार बीएमओ के पास नहीं है। यदि संबंधित डॉक्टर पत्रकारों से यह कह रहे हैं कि वे बीएमओ के संरक्षण में अस्पताल चला रहे हैं, तो यह बात पूर्णतः गलत है।
उन्होंने कहा कि गौरझामर में कथित फर्जी बंगाली डॉक्टरों के मामले में जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला उनके संज्ञान में है और वह इस पर विशेष रूप से ध्यान देंगे।
निरीक्षण के बाद दोबारा इलाज शुरू करने का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि निरीक्षण के दौरान दोनों डॉक्टर अस्पतालों में मौजूद नहीं थे, लेकिन निरीक्षण दल के लौटने के बाद कथित तौर पर अस्पताल दोबारा खोलकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
यदि जांच में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता, आवश्यक पंजीयन या निर्धारित अनुमति के इलाज किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
अब अस्पताल सील होंगे या सिर्फ नोटिस तक सीमित रहेगी कार्रवाई?
गौरझामर में कथित अवैध अस्पताल संचालन का मामला लगातार चर्चा में है। अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहेगा या संबंधित अस्पतालों के दस्तावेजों, चिकित्सकीय योग्यता, पंजीयन और संचालन की अनुमति की जांच कर आगे की कार्रवाई भी करेगा।
सीएमएचओ के अस्पताल सील करने संबंधी निर्देशों के बाद लोगों को उम्मीद है कि मामले में जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, संबंधित डॉक्टरों का पक्ष, नोटिस के जवाब और अस्पतालों को सील करने की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

शहर चुनें