पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने शासन प्रशासन को जमकर घेरा।
पीएम रिपोर्ट दबाने व जिला,पुलिस प्रशासन, आबकारी विभाग पर उठाए गंभीर सवाल।
सभी पीड़ितों को सहायता व फरार आरोपियों की हो गिरफ्तारी…….. सुरेन्द चौधरी
मध्य प्रदेश शासन के कृषि एवं सहकारिता पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने सागर जिले के बण्डा शाहगढ़ में हुये भीषण जहरीली शराब काण्ड को लेकर प्रदेश सरकार और जिला व पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि इस भीषण व ह्रदयविदारक घटना को एक महीना बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और सरकार मामले की लीपापोती करने में जुटे हुएहैं,जिसका स्पष्ट प्रमाण हैं कि प्रदेश सरकार द्वारा जहरीली शराब काण्ड की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच आयोग का गठन किया गया था किन्तु हफ़्तों बाद भी जांच आयोग की टीम आज तक सागर नहीं पहुंची हैं इससे स्वतः स्पष्ट होता हैं कि इस मामले को ठंडे बसतें में डालने के भरसक प्रयास किये जा रहे हैं।श्री चौधरी ने कहा कि शराब काण्ड में अब तक 50 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज किया गया है,लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह से विफल साबित हुआ है और आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं इसके साथ ही जिला प्रशासन शराब काण्ड में हुईं मौतों को जहरीली शराब से होना मान रहा है किन्तु आज तक मृतकों की पीएम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं की गई हैं जिससे साफ है कि मौतों के असली आंकड़ों को छुपाने की कोशिश की जा रही है।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि इस पूरी घटना में जिला व पुलिस प्रशासन का नेटवर्क पूरी तरह फेल रहा है,जिम्मेदार आबकारी विभाग ने अब तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है जिससे आबकारी विभाग की निष्क्रियता उजागर होने के साथ ही अवैध शराब के कारोबारीयों से सांठ गांठ से इनकार नही किया जा सकता।शराब काण्ड के पीड़ितों को आर्थिक सहायता वितरण में भेदभाव किया गया और अभी तक सभी पीड़ितो को आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं दिया गया है।श्री चौधरी ने मांग की है कि फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, जांच आयोग अविलंब सागर आकर अपनी जांच शुरू करे, सभी मृतकों की पीएम रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक किया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय व उचित मुआवजा दिया जाए।यदि प्रशासन ने जल्द ही इस पर सख्त कदम नहीं उठाए अन्यथा हम चुप बैठनें वालें नही है।







