कैदियों की हो रही मौतें,प्रतिबंधित वस्तुएं भी पहुंच रही जेल के अंदर।
पुलिस महानिदेशक और डीजी जेल को कराएंगे अवगत।
पुलिस-जेल मैनुअल के उल्लंघन की हो निष्पक्ष जांच……… सुरेन्द्र चौधरी
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने सागर जिला पुलिस एवं केंद्रीय जेल सागर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि पुलिस और जेल प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर अंकुश लगाने तथा जेल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की है।लेकिन सागर जिले में सामने आ रही विभिन्न शिकायतों और संदिग्ध गतिविधियों व जेल में कैदियों से मारपीट व मौतों को लेकर पुलिस एवं जेल प्रशासन की कर प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल परिसर के अंदर कैदियों से मारपीट होने व कई मौतों के साथ साथ जेल के अंदर के फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने तथा जेल में प्रतिबंधित वस्तुयें एवं नशीले पदार्थों के पहुंचना चिंताजनक व जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जेल मुख्यालय द्वारा निर्धारित नियमों एवं मैनुअल के पालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की विधिसम्मत जांच कराई जाए, ताकि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों से कथित संपर्कों आदि की भी जांच हो।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने सागर जिले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।जिलें के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए साथ ही सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की बार-बार पदस्थापना तथा स्थानांतरण संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा किए जाने की मांग की।उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक या बार-बार पदस्थापना होने के क्या कारण हैं।उन्होंने गंभीर मामलों से जुड़े पुलिसकर्मियों तथा पूर्व में विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके कर्मचारियों की सागर जिले में दोबारा पदस्थापना के मामलों की भी
पुनःजांच की मांग की हैं,विशेष रूप से जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध पूर्व में गंभीर शिकायतें या विभागीय कार्रवाई दर्ज रही है,उनकी पुनः पदस्थापना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सागर जिले में पुलिस एवं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली,जेल में सुरक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं,प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने की शिकायतों तथा पुलिसकर्मियों की पदस्थापना से जुड़े मुद्दों को लेकर वे पुलिस मुख्यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जेल मुख्यालय में महानिदेशक जेल (डीजी जेल) को अवगत कराएंगे।उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए,ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या पद का दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो सके।श्री चौधरी ने मांग की कि पुलिस एवं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्धारित मैनुअल और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जेल की सुरक्षा व्यवस्था,प्रतिबंधित सामग्री की रोकथाम, पुलिसकर्मियों की पदस्थापना तथा जिले में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के संबंध में जवाबदेही तय कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।







