कौशल विकास हेतु रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण संपन्न‘‘ समस्याओं के बीच प्रतिभा को पहचानना होगा – प्राचार्य

‘कौशल विकास हेतु रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण संपन्न‘‘ समस्याओं के बीच प्रतिभा को पहचानना होगा – प्राचार्य
शासकीयस्वशासी स्नातकोत्तर कन्या उत्कृष्टता महाविद्यालय में स्वामी विवेकानन्द कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वाधान मे चल रहे 60 घंटे का अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार दिनांक 21.01.2026 को समापन हुआ। कार्यशाला में महाविद्यालय की छात्राओं ने हस्तशिल्प, हैण्डीक्राफ्ट आइटम, सिलाई, साफ्ट ट्वाय, अचार-जेम, रेजिन आर्ट आइटम, ब्यूटी पार्लर, समग्र स्वास्थ्य, ड्रांइग पेंटिग, बेकरी आइटम के सम्बंध में प्रशिक्षण लिया। समापन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उद्योग विभाग की महाप्रबंधक श्रीमती मंदाकिनी पाण्डेय ने कहा कि हमे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से जुड़कर स्वरोजगार स्थापित करना होगा तभी हम उनके महत्व को जानकर लाभांवित हो सकेंगे। उन्होंने योजनाओं की जानकारी देते हुये स्वरोजगार अपनाने हेतु प्रेरित भी किया। स्वामी विवेकानन्द प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. प्रतिमा खरे ने स्वागत भाषण देते हुये प्रशिक्षण कार्यक्रम की रुपरेखा एवं उनके महत्व के बारे में बताया और कहा कि छात्राओं मंे प्रशिक्षण से कौशल विकास होगा तथा वे स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकती है।विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी समितिकी अध्यक्ष श्री मनीषा विनय मिश्रा ने ऐसे प्रशिक्षणो के आयोजन की सराहना करते हुये छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की और सभी छात्राओं को उनके द्वारा बनाये सामानो को देखकर बधाई दी।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन मे कहा कि छात्राओं को अपनी समस्याओं के बीच अपनी प्रतिभा को पहचानना होगा ताकि जरुरत पड़ने पर अपना भविष्य बना सकें। छात्राओं की रुचि देखकर प्राचार्य ने भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने का अश्वासन भी दिया। संचालन प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. अश्विनी सूर्यवंशी ने किया। साधना नायकद्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में – बेकरी में कप केक, केक, चोकलेट, नान खटाई ब्यूटीपार्लर- वसुधा जैन द्वारा – फेशियल, आई-ब्रो, हेयर कट, ब्राइडल मेकप, पारंपरिक वेशभूषा पहनाना हस्तशिल्प आइटम श्रीमती कजली जैन – कोच पेंटिंग, लिप्पन आर्ट, लकडी केआइटम विभिन्न शोपीस सिलाई व साफ्ट ट्वाय, सलमा खंान -कुशन, कछुआ, पैरट (खिलौने) विभिन्न शोपीस, अर्चना चौरसिया -रेजिन के विभिन्न आइटम,तीन बंदर, रामजी, बुद्धा, दिये से कछुआ, मटकी से पोट, समग्र स्वास्थ्य प्रशिक्षण संकेत दीक्षित-पोषण आहार, व्यायाम, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, नीतू शाह- अचार व जेम-जैली, मिर्ची, अमरूद, पपीता के जेम-जैली आदि बनाना सिखाया। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं मंचीय सदस्यों द्वारा उक्त प्रशिक्षणों के प्रमाण पत्र समस्त प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं को प्रदान किये गये। इस कार्यक्रम में डॉ. प्रशांत सोनी एवं डॉ. नंदकिशोर लोधी ने सक्रिय योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शैक्षणिक, अशैक्षणिक स्टाफ व छात्राऐं उपस्थित रही।
डॉ. आनंद तिवारी, प्राचार्य

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