
मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम से मजबूत होगी योजनाओं की मॉनिटरिंग व्यवस्था – भूपेन्द्र सिंह
सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए श्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न 7 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है। भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में 15 स्थानीय युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक वर्ष के अनुबंध पर रखा जाएगा तथा उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। पूरे प्रदेश में लगभग 4,860 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। योजना की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है और इसके लिए मंत्रिपरिषद द्वारा 190 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में 15 स्थानीय युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक वर्ष के अनुबंध पर रखा जाएगा तथा उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। पूरे प्रदेश में लगभग 4,860 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। योजना की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है और इसके लिए मंत्रिपरिषद द्वारा 190 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का अध्ययन करेंगे। साथ ही योजनाओं का हितग्राहियों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसका आकलन करेंगे और क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान करेंगे। इसके अतिरिक्त वे विभागों और स्थानीय प्रशासन से फीडबैक भी एकत्रित करेंगे।
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि चयनित युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और युवाओं से प्राप्त सुझावों के आधार पर योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे, ताकि उनका लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को भी बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न विभागों में उपलब्ध आंकड़ों को एक डिजिटल डेटाबेस में संकलित किया जाएगा, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी तथा डेटा आधारित बन सकेंगी।
श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से युवाओं को शासन और प्रशासन के कार्यों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। उन्हें नीति निर्माण, डेटा विश्लेषण, फील्ड रिसर्च और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे भविष्य में नीति एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि यह कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति के आधार पर नीतियों में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं का चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। चयनित युवाओं को डेटा कलेक्शन, फील्ड सर्वे, योजनाओं के विश्लेषण और डिजिटल रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान ही पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करेगा। इसके लिए एक डैशबोर्ड और पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जो सीधे मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों से जुड़ा रहेगा और योजनाओं की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगा।











