भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर रक्तदान का महायज्ञ, पहले दिन 298 यूनिट रक्त संग्रह

भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर रक्तदान का महायज्ञ, पहले दिन 298 यूनिट रक्त संग्रह

डाॅ. जीएस चौबे बोले— “20 मई को बुंदेलखंड का रक्तदान दिवस घोषित किया जाना चाहिए”
सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय रक्तदान शिविर ने पहले ही दिन इतिहास रचने की दिशा में कदम बढ़ा दिए। शिविर के प्रथम दिवस 298 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सागर विभाग संघ चालक डॉ. जीएस चौबे ने किया।
डॉ. जीएस चौबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से जिस उत्साह के साथ रक्तदान शिविर आयोजित हो रहे हैं, उसे देखते हुए 20 मई को “बुंदेलखंड रक्तदान दिवस” घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने रक्तदान के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भूपेन्द्र सिंह द्वारा शुरू किया गया यह अभियान देशभर में मिसाल बन रहा है और भविष्य में एक लाख यूनिट रक्त संग्रह का आंकड़ा भी पार कर सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता निरंकारी संत श्री नारायण दास जी ने की। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहना चाहिए”। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन अब तक 15 लाख यूनिट रक्त सरकारी चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध करा चुका है।
अपने संक्षिप्त संबोधन में भूपेन्द्र सिंह ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह महायज्ञ जरूरतमंदों को जीवनदान देने का माध्यम बनेगा। वहीं युवा नेता अविराज सिंह ने युवाओं से सोशल मीडिया के माध्यम से रक्तदान अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में आयोजित शिविरों के माध्यम से 13,112 यूनिट रक्त संग्रहित कर हजारों लोगों का जीवन बचाया जा चुका है।
शिविर में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने अपने पुत्र और भतीजे के साथ रक्तदान किया। पहले दिन 12 महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों, समुदायों और क्षेत्रों से पहुंचे रक्तवीरों ने मानवता की सेवा का संदेश दिया।
शिविर में छात्र, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय उपस्थिति रही।

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