
कृषि रथ संचालन कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती एवं आत्मनिर्भरता का संदेश
कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि जागरूकता अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन
सागर। किसान हित एवं कृषि उन्नति के उद्देश्य से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जिला-सागर द्वारा आयोजित “कृषक कल्याण वर्ष 2026 कृषि रथ शुभारंभ” कार्यक्रम उत्साह एवं जनसहभागिता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन एवं नरयावली विधायक प्रदीप लारिया विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, डीडीए राजेश त्रिपाठी, कृषि विभाग के अधिकारीगण, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे। कृषि रथ ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, सिंचाई प्रबंधन एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि कृषि रथ जैसी अभिनव पहल किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी जब सीधे गांव और खेत तक पहुंचेगी, तब किसान अधिक जागरूक होकर उनका लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि किसान आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों एवं नवाचारों को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करें।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कृषि रथ किसानों और शासन के बीच एक सशक्त संवाद का माध्यम बनेगा, जिससे किसानों को समय पर मार्गदर्शन एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त होगी। विधायक श्री जैन ने किसानों से प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, उन्नत बीजों के उपयोग एवं आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर किसान ही समृद्ध भारत की मजबूत नींव हैं।
इस अवसर पर विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत नींव हैं। केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती अब केवल परंपरागत व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और नवाचार से जुड़ चुकी है। सरकार का लक्ष्य खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है, जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कृषि क्षेत्र में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देकर गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि रथ किसानों के लिए चलती-फिरती जानकारी एवं प्रशिक्षण व्यवस्था के रूप में कार्य करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का विस्तार होगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज वितरण, कृषि यंत्रीकरण एवं किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। किसानों ने कृषि रथ एवं विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्री पी.एस. बडोले, श्री बी.एस. ठाकुर, श्री एम.के. प्रजापति, श्री राजेश त्रिपाठी, श्री नीरज दुरेजा, डॉ. के.एस. यादव, श्री चंद्रभान सिंह यादव सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का वातावरण किसानों के उत्साह, जागरूकता एवं विकास के संकल्प से ओतप्रोत दिखाई दिया। अंत में सभी उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जाएगा तथा आत्मनिर्भर गांव और समृद्ध किसान के लक्ष्य को साकार किया जाएगा।











