बीना रिफाइनरी के विस्तार और औद्योगिक विकास के रोडमैप पर हुआ गंभीर मंथन

बीना रिफाइनरी के विस्तार और औद्योगिक विकास के रोडमैप पर हुआ गंभीर मंथन

कलेक्टर के निर्देश: नए औद्योगिक क्षेत्रों के भूमि आवंटन प्रकरणों पर राजस्व अधिकारी करें शीघ्र कार्रवाई

बीना रिफाइनरी के स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में ‘प्लेसमेंट आधारित’ रोजगारपरक प्रशिक्षण पर रहे जोर

मालथौन से मेलुआ चौराहा फोरलेन सड़क और रेलवे ओवर ब्रिज के शीघ्र निर्माण को लेकर कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश

प्रस्तावित केमिकल जोन और छेवला देवरी में अतिरिक्त 50 हेक्टेयर भूमि आवंटन हेतु राजस्व और एम पी आई डी सी को संयुक्त सर्वे के निर्देश

सागर जिले के नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जल आवंटन और विद्युत व्यवस्था की भी हुई समीक्षा

सागर जिले में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीना रिफाइनरी) की विस्तार परियोजनाओं की समीक्षा हेतु आज एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बीना रिफाइनरी परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सागर  प्रतिभा पाल ने की। बैठक में मुख्य रूप से बीना रिफाइनरी के भूमि और अन्य आवश्यकताओं सहित सागर जिले के नए प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक में एम पी आई डी सी कार्यकारी संचालक  प्रतुल चंद्र सिन्हा ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में विभाग की गतिविधियों और औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि सागर जिले में वर्तमान में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र सिदगुंवा एवं आई.आई.डी. बीना सफलता पूर्वक संचालित हैं। इसके साथ ही, स्थापनाधीन नए औद्योगिक क्षेत्र -मासवासी ग्रांट (तहसील सागर) तथा करमपुर (तहसील खुरई) के विकास को लेकर भी उन्होंने संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की।

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जल आवंटन को लेकर दिए कड़े निर्देश
बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों की भविष्य की पानी की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यकारी संचालक श्री सिन्हा ने बताया कि,
औद्योगिक क्षेत्र मासवासी ग्रांट में 100 एम.एल.डी. जल की आवश्यकता होगी।
इसी प्रकार करमपुर एवं छेवला देवरी के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 3-3 एम.एल.डी. जल की आवश्यकता होगी।
इस महत्वपूर्ण मांग पर त्वरित एक्शन लेते हुए कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों हेतु जल की उपलब्धता का सटीक आंकलन करें और जल आवंटन की संभावनाओं को तलाशते हुए तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

बिजली सब-स्टेशन के लिए संयुक्त सर्वे और एस्टीमेट के आदेश
औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति को इसके लिए बैठक में सब-स्टेशन की स्थापना पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में 232 के.वी.ए. और 132 के.वी.ए. के विद्युत सब-स्टेशनों की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर ने संभागीय अभियंता को निर्देश दिए कि वे एम.पी.आई.डी.सी. के तकनीकी अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से मौका-मुआयना करें। सर्वे के आधार पर जल्द से जल्द तकनीकी एस्टीमेट तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां और अनुमतियां प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

भूमि आवंटन और हस्तांतरण पर राजस्व विभाग को समय-सीमा की हिदायत
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मासवासी ग्रांट, करमपुर और छेवला देवरी के भूमि आवंटन और भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि औद्योगिक विकास से जुड़े भूमि आवंटन के इन सभी मामलों में आ रही कानूनी व प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर शीघ्र बेदखली व हस्तांतरण की वैधानिक कार्यवाही पूर्ण की जाए, ताकि निवेश के काम में कोई देरी न हो।
केमिकल जोन और अतिरिक्त 50 हेक्टेयर भूमि के लिए संयुक्त सर्वे
बैठक में कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी द्वारा भविष्य के उद्योगों के लिए ‘केमिकल जोन’ हेतु भूमि चिह्नित करने तथा छेवला देवरी में अतिरिक्त 50 हेक्टेयर भूमि आवंटन का अनुरोध किया गया। इस पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि एमपीआईडीसी के अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी (एसडीएम व तहसीलदार) आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से मौका मुआयना करें और उपयुक्त भूमि को जल्द से जल्द चिह्नित कर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें।

बैठक में बीना रिफाइनरी की विस्तार परियोजनाओं पर भी बात हुई। आगासोद मार्ग व खिमलासा फाटक निर्माण के संबंध में चर्चा की गई। स्थानीय विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व (सी एस आर) के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि सीएसआर गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने के लिए तत्काल जिला स्तरीय सीएसआर समिति की बैठक आयोजित की जाएं।

स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वर्तमान में प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने रिफाइनरी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में केवल वही प्रशिक्षण दिए जाएं जो सीधे रोजगार या स्वरोजगार से जुड़े हों (रोजगारपरक प्रशिक्षण) और युवाओं का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित हो सके।

बैठक के दौरान क्षेत्र की कानून व्यवस्था, सुगम यातायात और बुनियादी ढांचे से जुड़ी प्रमुख मांगें सामने आईं, जिन पर कलेक्टर ने बेहद सकारात्मक रुख अपनाया।
मालथौन से मेलुआ चौराहा तक फोरलेन सड़क निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। यातायात के सुचारू संचालन और भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए रेलवे ओवर ब्रिज के शीघ्र निर्माण हेतु रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, एसडीएम  रवीश श्रीवास्तव ,  अमन मिश्रा, महाप्रबंधक उद्योग विभाग  मंदाकिनी पांडे, बीना रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर  के.के. दास, सीजीएम (एच आर) शिरीष चांडेकर, जीएम (एच आर)  रोहित यादव, डीजीएम (एच आर)  के.पी. मिश्रा, सीनियर मैनेजर  वी. प्रणीथ रेड्डी, प्रोजेक्ट इंचार्ज  ए.एन. श्रीराम सहित जिला प्रशासन, राजस्व, विद्युत मंडल और जल प्रदाय विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

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