
विश्वविद्यालय : अंबेडकर का चिंतन सामाजिक न्याय और विकास के लिए- डॉ. रेड्डी
सागर | डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में डॉ. अंबेडकर चेयर द्वारा आयोजित कार्यक्रम जिसका विषय पुस्तक समीक्षा था | इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर चेयर में डॉ. अंबेडकर के जीवन एवं विचारों पर आयोजित पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. आर.एस. रेड्डी एसोसिएट प्रोफेसर अर्थशास्त्र के द्वारा कहा गया कि डॉ. अंबेडकर की पुस्तकों से सामाजिक समस्या सामने आती हैं, डॉक्टर अंबेडकर का चिंतन सामाजिक न्याय विकास के लिए है| उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपनी पुस्तकों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दिया| समाज की समस्या को सामने लाने का कार्य किया| कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की पुस्तक रुपए की समस्या और समाधान विषय पर बोलते हुए कहा कि भारतीय रुपए जिस तेजी से कमजोर हो रहा है एवं $1 – 96 रुपए तक पहुंच गया, जो भारतीय रुपए की मूल गिर रहा है उसे समस्या का समाधान डॉ. अंबेडकर ने अपनी पुस्तक रुपए की समस्या में पूर्व में स्पष्ट किया था और उन्होंने रुपए की मजबूती के लिए में समाधान बताए थे| डॉ. अंबेडकर के सुझाव पर ही रिजर्व बैंक की स्थापना हुई है| कार्यक्रम में बालचंद ने रानाडे, जिन्ना और गांधी विषय पर लिखी डॉ. अंबेडकर की पुस्तक की समीक्षा की| कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर राजेश गौतम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की पुस्तक ने समाज को दिशा देने का कार्य किया है| आज भी उनकी उपयोगिता बनी हुई है| कार्यक्रम में डॉक्टर चिट्टी बाबू, हिमांशु गोयल, डॉक्टर अभय सिंह, हिमांशु गुप्ता, जितेंद्र. चंदन पटेल, जितेंद्र कवि, अरविंद केवट ऋषि चौबे , अतुल सिंह चंदेल आदि उपस्थित थे|











