
आर्मी के संवेदनशील कार्यालय के सामने होटल! मिडास पर जांच शुरू
सागर के मकरोनिया सिविल लाइन रोड स्थित होटल मिडास एक बार फिर विवादों में घिर गया है। होटल के निर्माण और संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि होटल का निर्माण आवश्यक विभागीय अनुमति और नियमों का पूरी तरह पालन किए बिना किया गया।
जानकारी के अनुसार, होटल के निर्माण से पहले संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र NOC लेने में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।
सबसे गंभीर मामला सुरक्षा से जुड़ा है। होटल के ठीक सामने सेना से जुड़े अति संवेदनशील कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में होटल की ऊपरी मंजिल से सैन्य गतिविधियों पर नजर रखे जाने की आशंका जताई जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर सेना की ओर से मकरोनिया नगर पालिका को लिखित पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी CMO का कहना है कि होटल संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, एक और बड़ा सवाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति को लेकर भी उठ रहा है। आरोप है कि होटल ने निर्माण और संचालन शुरू करने से पहले बोर्ड से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की। जबकि नियमों के अनुसार होटल निर्माण और संचालन से पहले संबंधित अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय संचालक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो होटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल होटल मिडास पर सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
Byte: अरविंद सावले, क्षेत्रीय संचालक, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सागर











