
संस्कारों की पाठशाला से निकलेगा विकसित भारत का नेतृत्व : विधायक प्रदीप लारिया
(सरस्वती शिशु मंदिर पगारा में मेधावी विद्यार्थियों एवं अखिल भारतीय विज्ञान-गणित प्रतिभाओं का सम्मान, विधायक ने कहा— विज्ञान जिज्ञासा है, गणित जीवन का अनुशासन)
सागर /30.06.2026; नरयावली विधायक इंजी.प्रदीप लारिया मंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर, पगारा में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में सागर विभाग विद्यालयों के जिला एवं प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 58 मेधावी विद्यार्थियों तथा विज्ञान मेला, गणित मेला एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं में अखिल भारतीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक लारिया ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और संस्कारों की ऐसी पाठशाला है, जहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय देते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता का नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, आचार्यों, विद्यालय और सम्पूर्ण क्षेत्र के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, बल्कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और सही मार्गदर्शन से गाँव का विद्यार्थी भी अखिल भारतीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।
विज्ञान मेला एवं गणित मेला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधायक श्री लारिया ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं, बल्कि सत्य की खोज, जिज्ञासा, नवाचार और समस्याओं के समाधान की वैज्ञानिक दृष्टि है। वहीं गणित केवल संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि तर्क, अनुशासन, विश्लेषण और जीवन के प्रत्येक निर्णय का वैज्ञानिक आधार है।
उन्होंने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, अंतरिक्ष अनुसंधान, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डिजिटल नवाचार का युग है। ऐसे समय में विज्ञान और गणित में दक्ष युवा ही विकसित भारत के भविष्य का नेतृत्व करेंगे। भारत को तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता बनना है और इस परिवर्तन के वाहक आज के विद्यार्थी ही होंगे।
लारिया ने कहा कि विज्ञान मेले का उद्देश्य पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिज्ञासा को अनुसंधान में, कल्पना को नवाचार में और विचारों को आविष्कार में परिवर्तित करना है। यही मंच भविष्य के वैज्ञानिकों, अभियंताओं, चिकित्सकों, अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की पहली प्रयोगशाला है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं से केवल यह प्रश्न न पूछें कि “मैं बड़ा होकर क्या बनूँ?” बल्कि यह भी सोचें कि “मैं अपने ज्ञान और प्रतिभा से राष्ट्र एवं समाज के लिए क्या करूँ?” यही विचार जीवन को नई दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है।
विधायक लारिया ने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को सफल बना सकता है, लेकिन संस्कार उसे महान बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने, असफलताओं से सीखने और भारतीय संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने अभिभावकों एवं आचार्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि पीढ़ियों का निर्माण करते हैं और अभिभावकों का त्याग ही बच्चों की सफलता की सबसे बड़ी पूंजी होता है।
अपने उद्बोधन के अंत में विधायक लारिया ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे विज्ञान को मानव कल्याण का माध्यम, गणित को उत्कृष्टता का आधार तथा नवाचार को राष्ट्रसेवा का साधन बनाकर विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
इस अवसर पर हरिराम तिवारी (प्रांत प्रमुख ), सुरेन्द्र जैन (सागर विभाग समन्वयक), सुनील सराफ (स.शि.म. पगारा मार्ग विद्यालय सचिव), महेश अग्रवाल (जिला सचिव), कविन्द्र दुबे (सह जिला सचिव), राजेश त्रिवेदी ( पूर्व जिला सचिव ), ऋषि ठाकुर कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक जैन , रूचि मिश्रा ( स.शि.म. प्राचार्य मोतीनगर )प्रवीण जोशी (स.शि.म. प्राचार्य पगारा मार्ग, सागर )वीरेन्द्र पटेल ( स.शि.म. प्राचार्य लक्ष्मीपुरा सागर ) सहित विद्यालय परिवार, अभिभावकगण, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।











