
सपनों को गति, प्रतिभा को सम्मान—भैंसानाका से विधायक प्रदीप लारिया ने दिया विकसित भविष्य का संदेश
भैंसा/02.07.2026; किसी भी समाज का भविष्य तब मजबूत होता है, जब उसकी शिक्षा व्यवस्था अवसरों से जुड़ती है और प्रतिभाओं को सम्मान मिलता है। इसी सोच को साकार करते हुए गुरुवार को नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने विधानसभा क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भैंसानाका में शासन की निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित कीं। साथ ही विद्यालय के उन पूर्व छात्रों का सम्मान भी किया, जिन्होंने भारतीय सेना में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी विद्यालय के 22 तथा माध्यमिक विद्यालय के 7 विद्यार्थियों सहित कुल 29 छात्र-छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। विधायक श्री लारिया ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुँच को सरल बनाकर उनके सपनों को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है। जब विद्यार्थी बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुँचेंगे, तभी प्रदेश और देश को शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियाँ किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा न बनें। शिक्षा, संस्कार और अवसर—इन्हीं तीन आधारों पर विकसित भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण उस समय आया, जब इसी विद्यालय के पूर्व छात्रों का भारतीय सेना में चयन होने पर सार्वजनिक रूप से सम्मान किया गया। विधायक श्री लारिया ने कहा कि किसी विद्यालय का वास्तविक गौरव उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों से बढ़ता है जो अपने परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के बल पर समाज और देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे ही ऊँचे लक्ष्य निर्धारित कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में आफीसर यादव, मधुकर जाटव, गंगाराम ठेकेदार, सरपंच रिंकू सरदार, भगत सिंह, रिंकू यादव, प्राचार्य नरेन्द्र सिंह राजपूत, जयप्रकाश दुबे, उमाशंकर चाचोदिया, ओम सोलंकी, मंजू शास्त्री सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
शिक्षा के साथ सम्मान का यह संगम भैंसानाका में केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब शासन अवसर देता है और युवा संकल्प लेते हैं, तब गाँवों से भी राष्ट्र निर्माण की नई कहानियाँ जन्म लेती हैं।











