
विवि: वाणिज्य विभाग एवं पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) के संयुक्त तत्वावधान में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के वाणिज्य विभाग एवं पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), सागर के संयुक्त तत्वावधान में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिमा पटेल, पुलिस अधीक्षक (पीटीएस), प्रो. डी. के. नेमा, प्रो. मनविंदर सिंह पाहवा, निरीक्षक अफरोज़ ख़ान, निरीक्षक प्रियंका बोरासिया तथा सूबेदार मनीष निवेरिया की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती पूजन एवं विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरीसिंह गौर को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिमा पटेल ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती है तथा इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी कि नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों अथवा नशे से संबंधित अपराधों की सूचना पुलिस तक विभिन्न माध्यमों—जैसे आपातकालीन हेल्पलाइन, स्थानीय पुलिस थाने, साइबर एवं ऑनलाइन शिकायत पोर्टलों तथा अन्य उपलब्ध संचार माध्यमों—के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से पहुँचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे मामलों की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर निरीक्षक अफरोज़ ख़ान ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, उनके सामाजिक परिणामों तथा उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. डी. के. नेमा ने युवाओं में नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक चेतना के विकास पर बल दिया, जबकि कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. मनविंदर सिंह पाहवा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी प्रज्ञा सिंह एवं सुलेखा चौरसिया द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।











