संत रावतपुरा सरकार ने डॉ. गौर को दी पुष्पांजलि, गौर संग्रहालय का किया अवलोकन

संत रावतपुरा सरकार ने डॉ. गौर को दी पुष्पांजलि, गौर संग्रहालय का किया अवलोकन

सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में संत रावतपुरा सरकार ने गौर समाधि स्थल पहुँचकर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. गौर को पुष्प अर्पित कर नमन किया। पुष्पांजलि के पश्चात् उन्होंने वैली कैम्पस स्थित गौर संग्रहालय का अवलोकन किया। प्रो. श्वेता यादव ने संग्रहालय के विभिन्न प्रभागों के बारे में उन्हें जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. गौर के शिक्षा क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया गया। उन्होंने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ की धरा पर आजादी से पहले 1946 में विश्वविद्यालय के रुप में शिक्षा का पहला दीप जलाने वाले डॉक्टर हरीसिंह गौर को आज भी अपनत्व से “गौर बब्बा” कहकर सम्बोधित किया जाना ही उनके विचार के प्रभाव की प्रमाणिकता है। एक दीप से आज लाखों-करोड़ों दीप प्रकाशवान हैं। जो ज्ञान की ज्योति से गौर बब्बा के नाम, पुरुषार्थ और संकल्प को आलोकित कर रहे हैं। हम ऐसे शिक्षाविद, युगदृष्टा, संत के चरणों में बारंबार नमन करते हुए उनसे मार्गदर्शन और सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करते हैं।

उन्होंने कुलपति कार्यालय में कुलपति एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संवाद किया और विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर, उपकुलसचिव सतीश कुमार, संयुक्त कुलसचिव संतोष सोहगौरा, वित्ताधिकारी प्रो. हिमांशु पांडे, प्रो. श्वेता यादव, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. राजेन्द्र यादव, प्रो. केशव टेकाम, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. अभिषेक बंसल, यंत्री राहुल गिरी गोस्वामी, सोहेल कुरैशी, समर्थ दीक्षित, प्रवीण राठौर सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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