केसली sdm को जानकारी के बाद भी ऊषा वेयर हाऊस में मूंग खरीदी केंद्र पर नहीं थम रही कथित अनियमितताएँ, किसानों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप

केसली sdm को जानकारी के बाद भी ऊषा वेयर हाऊस में मूंग खरीदी केंद्र पर नहीं थम रही कथित अनियमितताएँ, किसानों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप

केंद्र प्रभारी की भाजपा नेताओं से पकड़ को लेकर प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

देवरी।सागर जिले के देवरी विधानसभा के केसली ब्लॉक के थावरी सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित ऊषा वेयर हॉउस मुआर खास में मूंग खरीदी केंद्र एक बार फिर विवादों में है। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही बरती जा रही है तथा मूंग खरीदी के नाम पर उनसे कथित रूप से अवैध पैसे वसूले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित SDM को भी दी जा चुकी है,साथ ही पत्रकारो दुबारा समाचार पत्र के माध्यम से अनियमितता लापरवाही व किसानों के साथ अवैध बसूली की खवर लगातार प्रकासित की जा रही है जिसमे पत्रकारों को केसली sdm महोदय नें थावरी सहकारी समिति के केंद्र का निरिक्षण करने व केंद्र प्रभारी पर लापरवाही को लेकर सख्त कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था मगर बह आश्वासन मात्र ही रह गया ओर केंद्र प्रभारी भाजपा नेताओं की धौंस दिखा कर लगातार लापरवाही करने में लगा है इसके बावजूद प्रशासन दुबारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी की कार्यप्रणाली के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि समय पर तौल, पंजीयन और भुगतान जैसी व्यवस्थाओं में भी अव्यवस्था बनी हुई है, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।कुछ किसानों का यह भी दावा है कि केंद्र प्रभारी राजनीतिक संरक्षण का हवाला देकर मनमानी कर रहे हैं, जिसके कारण प्रशासन भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहा। किसानों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे जिला प्रशासन के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
किसानों की प्रमुख मांगें:
खरीदी केंद्र पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि अवैध वसूली की पुष्टि हो तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से राहत दिलाई जाए।
जिला प्रशासन पूरे मामले की निगरानी कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।

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