
सृजन संवाद योजना: छात्राओं ने जाना पुलिस का पूरा नेटवर्क, डायल-112 और कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं को समझाई आधुनिक पुलिसिंग, करीब 100 छात्राओं ने किया पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण
सागर। विद्यार्थियों को कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात नियम, नागरिक दायित्व और पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के उद्देश्य से सागर पुलिस द्वारा संचालित “सृजन संवाद योजना” के तहत सोमवार को तृतीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांदीपनी स्कूल की करीब 100 छात्राओं और शिक्षक स्टाफ ने पुलिस कंट्रोल रूम सागर का शैक्षणिक भ्रमण किया।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। योजना के नोडल अधिकारी नरेंद्र सोलंकी द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया जा रहा है।
डायल-112 से लेकर सीसीटीवी नेटवर्क तक की दी जानकारी
पुलिस कंट्रोल रूम में छात्राओं को आधुनिक पुलिस व्यवस्था और कम्युनिकेशन नेटवर्क की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं को डायल-112, सीसीटीवी नेटवर्क, वायरलेस संचार और पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय की प्रक्रिया सरल एवं रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाई।
उन्होंने बताया कि डायल-112 पर प्राप्त होने वाली सूचना किस प्रकार कम्युनिकेशन नेटवर्क के माध्यम से संबंधित पुलिस टीम तक पहुंचती है और पुलिस सहायता के लिए टीम तत्काल सक्रिय होती है।
“एक सूचना कैसे पूरी पुलिस व्यवस्था को सक्रिय करती है”
एएसपी भदौरिया ने पुलिस व्यवस्था को एक संगठित नेटवर्क बताते हुए कहा कि सिपाही से लेकर थाना प्रभारी, एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक तक सभी स्तर आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हैं।
उन्होंने संचार व्यवस्था को समझाते हुए उदाहरण दिया कि जिस प्रकार मानव शरीर में नसें और तंत्रिकाएं एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक संदेश पहुंचाकर शरीर को प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाती हैं, उसी प्रकार पुलिस व्यवस्था में कम्युनिकेशन नेटवर्क सूचना को सही स्थान तक पहुंचाकर त्वरित पुलिस कार्रवाई को संभव बनाता है।
छात्राओं ने समझी डायल-112 की पूरी प्रक्रिया
छात्राओं को डायल-112 में इवेंट प्राप्त होने, एक्नॉलेजमेंट, FRV के रवाना होने और घटनास्थल तक पहुंचने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखने तथा अपराधों की जांच में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका के बारे में भी बताया गया।
इस दौरान महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया और प्रभारी रेडियो निरीक्षक सचिन नागरे भी उपस्थित रहे।
छात्राओं के सवालों का दिया सरल जवाब
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रखा गया। छात्राओं ने पुलिसिंग, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, डायल-112, सीसीटीवी और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से सरल और व्यवहारिक जवाब दिया। छात्राओं ने संवादात्मक शैली की सराहना करते हुए इसे पुलिस की कार्यप्रणाली समझने का ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया।
पुलिस और नई पीढ़ी के बीच विश्वास का सेतु बनेगी योजना
“सृजन संवाद योजना” का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ उनमें कानून के प्रति सम्मान, सुरक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
योजना के तहत विद्यार्थियों को पुलिस थानों एवं विभिन्न पुलिस इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें कानून, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों और नागरिक दायित्वों की जानकारी दी जा रही है।
सागर पुलिस के अनुसार “सृजन संवाद योजना” 5 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी।
सागर पुलिस का संदेश है— “जागरूक विद्यार्थी, सुरक्षित समाज और मजबूत पुलिस-जन संवाद की आधारशिला हैं।”











