कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में स्वरोजगार हेतु लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति की समीक्षा की

कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में स्वरोजगार हेतु लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति की समीक्षा की

प्राप्त आवेदनों को सैंक्शन करने के संबंध में एलडीएम को किया निर्देशित

पशुपालन, एनआरएलएम, उद्यानिकी, कृषि आदि सभी विभाग तेजी से अपलोड कराएं आवेदन
_कलेक्टर

डिप्टी डायरेक्टर आत्मा को सभी केटेगरी में ट्रेनिंग रोस्टर बनाने के निर्देश

सागर 19 अगस्त 2026
कलेक्टर  प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापना हेतु संचालित योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एलडीएम को निर्देशित किया कि कृषि उद्यानिकी, एनआरएलएम, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों से प्राप्त आवेदनों को बैंकर्स के समन्वय से शीघ्रता से सैंक्शन कराया जाए, ताकि हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। साथ ही सभी विभागों को किसानों के आवेदन शीघ्र ऑनलाइन अपलोड कराने के निर्देश भी दिए गए।

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को लक्ष्य किसानों की संख्या बढ़ाने को कहा गया। कलेक्टर ने बैठक में डिप्टी डायरेक्टर आत्मा को सभी केटेगरी में 2/3 दिन की अवधि के प्रशिक्षण हेतु रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे योजना के हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

उल्लेखनीय है कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं कृषि प्रसंस्करण आधारित स्वरोजगार परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषक उत्पादक कंपनियों तथा उद्यमियों को स्थायी एवं लाभकारी रोजगार उपलब्ध कराना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, मूल्य संवर्धन तथा कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि कृषि एवं संबंधित क्षेत्र में रोजगार स्वरोजगार बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग, गोट फार्मिंग, पोल्ट्री फार्म, पिग्गरी फार्मिंग, फिश फार्मिंग एवं लाइवस्टॉक शेड जैसी पशुपालन आधारित इकाइयां शामिल हैं। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, सीड ड्रिल तथा ड्रोन जैसी परियोजनाओं के साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) की स्थापना भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, फ्लोर मिल, दाल मिल, राइस मिल जैसी प्रसंस्करण इकाइयां तथा पॉलीहाउस एवं लो कॉस्ट शेडनेट हाउस जैसी उद्यानिकी परियोजनाएं भी योजना के अंतर्गत सम्मिलित हैं। सभी योजनाओं के तहत कृषि को के आवेदन प्राप्त किया जा रहे हैं साथ ही कम से कम समय में लोन सैंक्शन की कार्रवाई भी की जा रही है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विवेक के वी, उपसंचालक कृषि  राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक उद्यानिकी  पी एस बडोले, एलडीएम सहित पशुपालन , मत्स्य, आजीविका मिशन से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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