
देवरी में धूमधाम से मनाई गई वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती, निकली विशाल शोभायात्रा
सतीष सेन देवरी
देवरी कला। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती के अवसर पर रविवार को देवरी नगर में लोधी समाज द्वारा भव्य आयोजन किया गया। हाईस्कूल परिसर से निकली विशाल शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंची, जहां इसका समापन विशाल आमसभा के रूप में हुआ। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं के साथ विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की झांकी का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
शिक्षा और सामाजिक सुधार पर जोर
कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित आमसभा को क्षेत्रीय सांसद राहुल सिंह लोधी, लोधी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, देवरी विधायक ब्रजविहारी पटेरिया सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
क्षेत्रीय सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि लोधी समाज का हर व्यक्ति शिक्षित बने और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। समाजजनों के प्रयासों से देवरी क्षेत्र में तेरहवीं जैसी सामाजिक कुरीतियों में कमी आ रही है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुसार मेहनत कर समाज व क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहड़ी गांव में हुआ था। उनका विवाह रामगढ़ राज्य के राजकुमार विक्रमादित्य सिंह लोधी से हुआ था। पति के अस्वस्थ होने के बाद उन्होंने अपने पुत्रों के संरक्षण के साथ रामगढ़ राज्य की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति का कड़ा विरोध किया और करीब चार हजार सैनिकों की सेना तैयार कर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। मंडला के समीप खैरी गांव में अंग्रेजी सेना से हुए युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। बाद में देवहरगढ़ की पहाड़ियों में अंग्रेजों से घिरने के बाद 20 मार्च 1858 को मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
युवाओं से आदर्शों पर चलने का आह्वान
देवरी विधायक ब्रजविहारी पटेरिया ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के साहस, स्वाभिमान और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके आदर्शों को समाज और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। युवा प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह कानोनी, तृप्ति लोधी, गुड्डू अमोदा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने समाज को शिक्षित, नशामुक्त और संगठित बनाने के साथ सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समुदायों के लोगों का सहयोग रहा।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य तृप्ति सिंह लोधी, जनपद सदस्य वीरेंद्र लोधी सेमराखेड़ी, लक्ष्मण सिंह लोधी सिलारपुर, प्रीतम सिंह लोधी, इंद्रराज लोधी, लोधी समाज देवरी ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश लोधी खेड़ी, अरविंद लोधी, अंकित दीवान, राजेंद्र लोधी, पुष्पेंद्र लोधी, दामोदर लोधी, रत्नेश लोधी, राहुल लोधी, राजेंद्र लोधी पूरेना, सत्यम लोधी सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।










