
सागर। श्री पार्श्वनाथ पाठशाला बालक कॉम्प्लेक्स में राखी प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बालक कॉम्प्लेक्स स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पार्श्वनाथ पाठशाला के संयोजक एवं शिक्षिकाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आकर्षक राखियां तैयार कीं।
प्रतियोगिता में बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों का मूल्यांकन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
इस अवसर पर रक्षाबंधन पर्व के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व की जानकारी भी बच्चों और अभिभावकों को दी गई। बताया गया कि जैन परंपरा में रक्षाबंधन पर्व 700 मुनिराजों के उपसर्ग से रक्षा एवं मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार राजा बलि द्वारा सात दिनों तक मुनिराजों पर उपसर्ग किया गया, लेकिन सभी मुनिराज अपने धर्म से विचलित हुए बिना तप, त्याग एवं ध्यान में लीन रहे और धैर्यपूर्वक उपसर्ग सहन किया। सात दिवस बाद श्री विष्णु कुमार मुनि ने उन्हें उपसर्ग से मुक्ति दिलाई।
इसी भाव को स्मरण करते हुए रक्षाबंधन पर्व मनाने की परंपरा बताई गई। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि पाठशाला में रक्षाबंधन के अवसर पर केवल अवकाश घोषित करने के बजाय बच्चों एवं अभिभावकों को मुनिराजों के उपसर्ग, त्याग, धैर्य और श्री विष्णु कुमार मुनि द्वारा की गई रक्षा के प्रसंग से परिचित कराया जाना चाहिए।
बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी सर्वाधिक प्रिय वस्तु का त्याग करने तथा त्याग, धैर्य, रक्षा और धर्म के प्रति समर्पण के भाव को जीवन में अपनाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम से संबंधित यह जानकारी श्रीमती रश्मि-आलोक जैन द्वारा प्रदान की गई।











