
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के सामान्य एवं व्यावहारिक भूगोल विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवानी मीना ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर विश्वविद्यालय एवं विभाग का गौरव बढ़ाया। उन्होंने 17 से 21 अगस्त 2026 तक तुर्किये के इस्तांबुल स्थित इस्तांबुल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक संघ (IGU) क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में सहभागिता की।
सम्मेलन के दौरान डॉ. शिवानी मीना ने अपने शोध-पत्र “Uneven Geographies of Invisible Labour of Unpaid Domestic and Caregiving Work in India: Evidence from Time Use Survey 2024” का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। उनके उत्कृष्ट शोध कार्य एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए उन्हें “यंग एंड अर्ली करियर जियोग्राफर बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनके अकादमिक एवं शोध करियर की एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है तथा सामान्य एवं व्यावहारिक भूगोल विभाग के लिए भी गौरव का विषय है।
सम्मेलन में सहभागिता के लिए डॉ. शिवानी मीना को अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक संघ (IGU) द्वारा यात्रा अनुदान भी प्रदान किया गया। यह सम्मान एवं यात्रा अनुदान उनके शोध कार्य की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है और विश्वविद्यालय तथा विभाग की शोधपरक उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है।
17-21 अगस्त 2026 को आयोजित इस सम्मेलन में भूगोल के व्यापक एवं समग्र दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करने वाले विभिन्न अकादमिक सत्र आयोजित किए गए। सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा डिजिटल भूगोल जैसे महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। प्रतिभागियों को अपने शोध, ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान तथा विभिन्न देशों के विद्वानों के साथ नए अकादमिक सहयोग स्थापित करने का अवसर मिला।
अंतरराष्ट्रीय भौगोलिक संघ (IGU) का यह प्रतिष्ठित क्षेत्रीय सम्मेलन इस्तांबुल विश्वविद्यालय, तुर्किये में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 65 देशों से 1400 से अधिक भूगोलवेत्ताओं, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं अन्य विद्वानों ने सहभागिता की। सम्मेलन में भूगोल के समकालीन मुद्दों, वैश्विक चुनौतियों तथा विभिन्न शोध क्षेत्रों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान एवं विचारों का व्यापक आदान-प्रदान हुआ।
सम्मेलन ने वैश्विक स्तर पर भूगोल विज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों को विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के शोधकर्ताओं से संवाद, ज्ञान-विनिमय और दीर्घकालिक अकादमिक सहयोग स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। सम्मेलन के दौरान सामाजिक कार्यक्रमों एवं सिटी टूर जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को इस्तांबुल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अनुभव करने का अवसर भी मिला।











